– यूक्रेन युद्ध में मारे गए सैनिकों का खूफिया डेटा लीक
– हैकर्स ने उड़ाए सरकारी आंकड़े
ई राज
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके रक्षा मंत्रालय के लिए एक बहुत बड़ी शर्मनाक और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। रूसी सरकार की आधिकारिक सांख्यिकी एजेंसी (रॉस-स्टैट) पर एक भीषण साइबर हमला हुआ है, जिसमें देश की खुफिया प्रणालियों को धता बताते हुए यूक्रेन युद्ध में मारे गए रूसी सैनिकों और देश के वास्तविक नुकसान से जुड़ा सारा गोपनीय डेटा हैकर्स ने उड़ा लिया है।
अब तक मॉस्को सरकार युद्ध में अपने सैनिकों के हताहत होने के आंकड़ों को दुनिया और अपने ही नागरिकों से छिपाती आई थी। लेकिन इस बड़ी सेंधमारी के बाद पुतिन का पर्दाफाश हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, हैकर्स ने रूस के उन तमाम गुप्त दस्तावेजों पर कब्जा कर लिया है, जो अब तक सरकारी तिजोरियों में दफन थे।
पुतिन सरकार के लिए बड़ी चुनौती
इस बड़े डेटा लीक से क्रेमलिन, रूसी राष्ट्रपति भवन में हड़कंप मच गया है। एक तरफ जहां रूस लगातार खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है, वहीं इस प्रकार की खुफिया चूक ने उसकी साइबर सुरक्षा की पोल खोल दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह लीक आने वाले दिनों में रूस के भीतर राजनीतिक उथल-पुथल का कारण बन सकता है, क्योंकि जब आम रूसी नागरिकों के सामने अपनों की मौतों के असली आंकड़े आएंगे, तो सरकार के खिलाफ असंतोष और अधिक भड़क उठेगा।
फिलहाल, रूसी प्रशासन इस लीक की खबरों को दबाने और अपनी प्रणालियों को सुरक्षित करने की कोशिश में जुटा है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है और रूस का सबसे बड़ा राज दुनिया के सामने आने की कगार पर है।
क्या है इस डेटा लीक में?
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह डेटा केवल सैन्य नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यापक जनसांख्यिकी और प्रशासनिक आंकड़े शामिल हैं। इन दस्तावेजों से यह साफ हो जाएगा कि यूक्रेन के मोर्चे पर वास्तव में कितने रूसी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रूस के भीतर इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सरकार युद्ध में मारे गए जवानों के सही आंकड़े छिपाकर जनता को गुमराह कर रही है।
