मुख्यपृष्ठनए समाचारकुंभ की तैयारी के बीच पीडब्ल्यूडी बेपरवाह!

कुंभ की तैयारी के बीच पीडब्ल्यूडी बेपरवाह!

-मोखाडा-खोडाला मार्ग पर हादसे का खतरा
-सावन में त्र्यंबकेश्वर जानेवाला मुख्य रास्ता बंद
-खस्ताहाल एक लेन सड़क पर बढ़ा वाहनों का दबाव

सुनील ओसवाल / मुंबई
नासिक में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ मेले को लेकर विकास कार्यों के बीच अब सियासत भी तेज हो गई है। सावन में कुछ दिनों के लिए बढ़ने वाला यातायात भले ही अस्थायी हो, लेकिन मोखाडा-खोडाला मार्ग की बदहाली वर्षों पुरानी है। सवाल सिर्फ गड्ढों का नहीं, बल्कि पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं का है। क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या वैकल्पिक मार्गों की क्षमता का आकलन किए बिना यातायात मोड़ना ही प्रशासन की पूरी तैयारी है? कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पालकमंत्री और सिंहस्थ कुंभ मेले से जुड़े मंत्री गिरीश महाजन पर तीखा हमला बोला है। सपकाल ने आरोप लगाया कि कुंभ मेले के नाम पर चल रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका पैदा हुई है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
गिरीश महाजन और हर्षवर्धन सपकाल सोमवार को नासिक दौरे पर थे। महाजन ने सिंहस्थ के लिए चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इसी दौरे के बाद सपकाल ने सरकार और महाजन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। सपकाल का कहना है कि सिंहस्थ के नाम पर जिस तरह से भारी-भरकम खर्च किया जा रहा है, उसमें आम लोगों के हित और खर्च की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने मांग की कि कुंभ मेले से संबंधित सभी परियोजनाओं, उनके टेंडर, खर्च और निर्णय प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए। साथ ही सिंहस्थ मंत्री के तौर पर गिरीश महाजन की भूमिका की भी पड़ताल की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि विकास के नाम पर नासिक शहर को जगह-जगह खोदकर रख दिया गया है। सड़कों की बदहाल स्थिति और लगातार हो रही खुदाई से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों के विरोध और असंतोष के बावजूद सरकार की प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए सपकाल ने महाजन पर निशाना साधा। सपकाल ने कुंभ मेले के लिए किए जा रहे कथित अनावश्यक और भारी खर्च को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका तर्क है कि यदि इस खर्च का छोटा-सा हिस्सा भी राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर लगाया जाता, तो सरकारी स्कूलों से जुड़े कई सवालों को हल करने में मदद मिल सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा और नागरिक सुविधाओं की समस्याओं की तुलना में बड़े आयोजनों पर खर्च को अधिक प्राथमिकता दे रही है।
सपकाल ने दावा किया कि सिंहस्थ की तैयारियों से जुड़े मामलों पर न्यायालय की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में अब सरकार को जवाबदेही से बचने के बजाय पूरे मामले में स्पष्टता लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है तो सरकार को जांच से पीछे हटने के बजाय सभी दस्तावेज और खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए।

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