ई राज
‘सुनो, सेक्रेटरी साहब अगर मेरी बात नहीं मानी, तो यह खबर शहर के हर अखबार में होगी।’
साल १७९१ की एक ठंडी शाम, फिलाडेल्फिया के अंधेरे कमरे में बैठी मारिया रेनॉल्ड्स ने हल्की सी मुस्कान के साथ अलेक्जेंडर हैमिल्टन की तरफ देखा। अमेरिका के पहले ट्रेजरी सेक्रेटरी और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले अलेक्जेंडर हैमिल्टन उस वक्त एक साधारण से जाल में उलझ चुके थे। मारिया अपने पति जेम्स रेनॉल्ड्स की मदद मांगने हैमिल्टन के पास आई थी, लेकिन जल्द ही यह मुलाकात एक अफेयर में बदल गई।
हैमिल्टन को इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि मारिया का पति जेम्स रेनॉल्ड्स इस पूरे खेल का असली मोहरा था। ‘मुझे पैसा चाहिए, हैमिल्टन। एक हजार डॉलर वरना तुम्हारी यह ‘रंगीन दास्तान’ पूरे देश के सामने होगी।’ जेम्स रेनॉल्ड्स की इस धमकी ने हैमिल्टन के होश उड़ा दिए। अपनी छवि और पद को बचाने के लिए हैमिल्टन ने ब्लैकमेल स्वीकार कर लिया और पैसे दे दिए। यह सिलसिला महीनों चला।
कहानी में नया मोड़ १७९२ के अंत में आया, जब जेम्स रेनॉल्ड्स एक वित्तीय घोटाले में पकड़ा गया। अपनी जान बचाने के लिए उसने सरकारी जांचकर्ताओं के सामने हैमिल्टन पर झूठा आरोप लगा दिया कि हैमिल्टन कोई दूध का धुला नहीं है! उसने मेरे साथ मिलकर गैर-कानूनी सट्टेबाजी की है। जब जेम्स मुनरो समेत वरिष्ठ नेताओं की एक टीम ने हैमिल्टन से पूछताछ की, तो हैमिल्टन के पास अपनी ईमानदारी साबित करने का एक ही रास्ता था। उन्होंने मारिया रेनॉल्ड्स के लिखे प्रेम-पत्र जांचकर्ताओं के सामने रख दिए और कहा,‘मैं चरित्रहीन हो सकता हूं, लेकिन भ्रष्ट नहीं।’
मामला कुछ सालों तक दबा रहा, लेकिन १७९७ में पत्रकार जेम्स वैâलेंडर के हाथ वे खत लग गए। उसने एक समाचारपत्र में पूरी कहानी छाप दी। हैमिल्टन के पास दो ही रास्ते थे,या तो वित्तीय भ्रष्टाचार का दाग सहें या फिर अपनी निजी जिंदगी का तमाशा बनने दें। हैमिल्टन ने दूसरा रास्ता चुना। उन्होंने खुद एक लंबा पैम्फलेट जारी किया, जिसमें मारिया के साथ अपने संबंधों की बात खुलकर कबूल की और वित्तीय हेराफेरी के आरोपों को खारिज कर दिया। इस बेबाकी ने उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों से तो बचा लिया, लेकिन इस पहले बड़े सेक्स स्वैंâडल ने उनके राजनीतिक करियर और साख पर ऐसा दाग लगाया जो ताउम्र नहीं मिट सका।
