सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के किसी भी मैदान पर कब्जा करने का प्रयास हो तो उसे नाकाम कर दें। यदि कोई मैदान में लोहे की चादरें लगाने आए तो उन्हें लगाने न दें और जो भी ऐसा करने आए, उसे करारा जवाब दें, ऐसे निर्देश शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कल शिवसैनिकों और युवासैनिकों को दिए।
सरकार एक ट्रस्ट को दे रही है मुंबई की १६ एकड़ जमीन
आदित्य ठाकरे ने साधा निशाना
शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कल जुहू बीच सहित वहां स्थित लोकमान्य तिलक उद्यान का निरीक्षण किया। इस अवसर पर शिवसेना विधायक हारून खान और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार अब साढ़े चार एकड़ के मैदान को भी हड़पने की कोशिश कर रही है। शिवसेना ने इसका कड़ा विरोध किया है। मैदान के निरीक्षण के बाद आदित्य ठाकरे ने वहीं पत्रकार परिषद आयोजित कर इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई की १६ एकड़ जमीन सरकार एक ट्रस्ट को दे रही है। यह दूसरा मैदान है और एक अन्य भूखंड भी एक संस्था को दिया जा रहा है। बांद्रा का नेविल डिसूजा मैदान भी दिया जा रहा है, जबकि मुलुंड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भूखंड पेट्रोल पंप के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुंबई के खुले मैदान अपने मित्रों और विधायकों को आशीर्वाद के रूप में बांट रहे हैं। अब तो छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क पर भी एमसीए की नजर है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा सरकार मुंबई में एक भी मैदान बचा रहने देगी?
भाजपा सरकार आने के बाद ही मैदानों पर नजर
जब पत्रकारों ने आदित्य ठाकरे से पूछा कि उन्हें मैदानों की चिंता अचानक क्यों होने लगी, तो उन्होंने जवाब दिया कि भाजपा सरकार आई और मैदान हड़पने के प्रयास शुरू हुए, इसलिए चिंता होने लगी। उन्होंने कहा कि जब महाविकास आघाड़ी की सरकार थी, तब ये मैदान खुले थे।
मैदान जनता के लिए ही रहेगा, शिवसेना उसकी रक्षा करेगी
आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया कि मैदान जनता के लिए ही रहेगा और शिवसेना उसकी रक्षा करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो सप्ताह से भाजपा सरकार मुंबई के खुले मैदानों को विधायकों और बिल्डरों तथा ठेकेदारों के हवाले करने की कोशिश कर रही है। लोकमान्य तिलक मैदान मिट्टी का मैदान है। यहां ५० करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही जा रही है। यदि सरकार वास्तव में ५० करोड़ रुपये खर्च करना चाहती है तो सीएसआर के माध्यम से इस मैदान का विकास कराए।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही भी सामने आ रही है
अमरावती जिला अस्पताल में हुई आग की घटना के संबंध में पूछे गए सवाल पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले १२ वर्षों से देश और राज्य में भाजपा की सरकार है। धर्म और देशभक्ति के मुद्दे पर भाजपा सरकार खुद को प्रमाणपत्र देती रहती है। लेकिन सरकार को सही तरीके से चलाना भी सच्चा धर्म और सच्ची देशभक्ति है, ऐसा उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जेन-जी, जेन-अल्फा, सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके पेपर लीक के मुद्दे पर अनशन पर बैठे थे। अब ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू हो गया है।
नेपाल की स्थिति हृदयविदारक
आदित्य ठाकरे ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन पर भी चिंता व्यक्त करते हुए संवेदना जताई। उन्होंने कहा, ‘नेपाल से बाढ़ की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे बेहद विनाशकारी और हृदयविदारक हैं। लोग यदि शिवसेना से संपर्क करते हैं तो इसकी जानकारी तत्काल सरकार तक पहुंचाकर हरसंभव सहायता की जाएगी।
शिंदे गुट पर भी बरसे आदित्य ठाकरे
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से यह ‘गंदी राजनीति’ चल रही है। शिंदे गुट के कार्यक्रम में भोजपुरी गाना बजाए जाने के मामले पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि वे नाच-गाने के जरिए मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं और उनसे यही उम्मीद की जा सकती है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री युवाओं से कहते हैं कि स्क्रीन छोड़िए, मैदान में उतरिए। लेकिन अगर वही लोग मुंबई के खुले मैदान अपने मित्रों के हवाले कर रहे हैं, तो युवा और बच्चे आखिर किस मैदान में उतरें? खुले मैदानों का निजीकरण होने पर वे आम लोगों के लिए बंद हो जाएंगे। मैदानों और खुले भूखंडों पर कब्जा करने के किसी भी प्रयास का शिवसेना पुरजोर विरोध करेगी।
