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ठाणे में रावण का अहंकार जलाना होगा! …गणेश नाईक ने अप्रत्यक्ष रूप से साधा शिंदे पर निशाना

सामना संवाददाता / मुंबई
‘नई मुंबई मनपा में मैंने भाजपा को सत्ता दी और मैं ठाणे में भी सत्ता दे सकता हूं, लेकिन इसके लिए रावण का अहंकार जलाना होगा।’ ऐसे शब्दों में वन मंत्री गणेश नाईक ने अप्रत्यक्ष रूप से उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है। इसके साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक बैठक में ठाणे मनपा चुनाव का चुनावी बिगुल फूंका। नाईक ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने ठाणे में महायुति बनाने पर जोर दिया है और अगर इस महायुति में आपकी गरिमा का सम्मान नहीं किया गया, तो मैं सबसे पहले इसका विरोध करूंगा।
गत मंगलवार को नाईक की मौजूदगी में वर्तकनगर स्थित भाजपा के जिला संभाग कार्यालय में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक बैठक हुई। इस बैठक में भाजपा विधायक निरंजन डावखरे सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में नाईक ने दावा किया कि नई मुंबई की तरह ठाणे में भी भाजपा की सत्ता आ सकती है। परंतु इसके लिए आपको अहंकारी रावण का दहन करना होगा। इसके लिए तैयारी में अभी से जुट जाने का आह्वान नाईक ने पदाधिकारियों से किया। इसके साथ ही नाईक ने शिंदे का नाम लिए बिना कहा कि किसी को भी अभिमान नहीं करना चाहिए, रावण को भी अहंकार था और उसका नाश हुआ।
नाईक और शिंदे में टकराव?
दो राजनीतिक नेताओं, एकनाथ शिंदे और गणेश नाईक के बीच पिछले कुछ महीनों से टकराव चल रहा है। दोनों नेता एक-दूसरे के बारे में बात करने का एक भी मौका नहीं छोड़ते। नाईक ने ठाणे में जनता दरबार में शिंदे गुट की जमकर खिंचाई की थी। गणेश नाईक ने नई मुंबई मनपा चुनावों की वॉर्ड संरचना पर असंतोष व्यक्त किया था। वॉर्ड संरचना के खिलाफ ४,००० से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। ठाणे में भी वार्ड संरचना से नाखुश नाईक ने संकेत दिया था कि वह सीधे मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत करेंगे।

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