-क्षत्रिया समिति ने आयोजन के लिए कसी कमर
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप की जयंती इस बार ९ मई को सुल्तानपुर में हर्षोल्लास से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में क्षत्रिय शिक्षा समिति के अध्यक्ष संजय सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में राणाप्रताप पीजी कालेज परिसर में महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें उन्होंने संपूर्ण समाज का आह्वान किया। कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक समाज के नायक नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र और मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। उनसे हमें सीख मिलती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रधर्म से समझौता नहीं करना चाहिए। आज आवश्यकता है कि हम जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर उनके आदर्शों को आत्मसात करें और एक सशक्त, समरस एवं राष्ट्रनिष्ठ समाज का निर्माण करें। उन्होंने सभी वर्गों, युवाओं, महिलाओं एवं बुद्धिजीवियों से बढ़-चढ़कर भागीदारी का आह्वान किया। कालेज प्रबंधक बालचंद्र सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है, जिससे युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। राणा प्रताप विधि महाविद्यालय के प्रबंधक योगेश सिंह ने आयोजन को सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए सभी वर्गों की सहभागिता पर जोर दिया। श्री धनंजय सिंह मेमोरियल स्कूल के प्रबंधक रमेश सिंह टिन्नू ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी में इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।
पूर्व प्रबंधक बजरंग बहादुर सिंह एवं सुरेंद्र नाथ सिंह ने भी समारोह में व्यापक जनसहभागिता का आह्वान किया। पूर्व प्राचार्य प्रो. एसबी सिंह ने महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता बताई। प्रो. एम.पी. सिंह एवं प्रो. निशा सिंह ने भी कार्यक्रम की सफलता हेतु सहयोग का आश्वासन दिया। डॉ. संतोष अंश ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व एवं कृतित्व केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में उनके आदर्शों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु नगर के विद्यालयों में “प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता” आयोजित कराई जाएगी, जिससे विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति रुचि एवं राष्ट्रीय भावना का विकास हो सके। निर्णय लिया गया कि जयंती का मुख्य कार्यक्रम प्रातः 8 बजे क्षत्रिय भवन स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से प्रारंभ होगा। इसके पश्चात भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो नगर के विभिन्न प्रमुख स्थलों से होकर गुजरेगी। नगरवासियों द्वारा जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया जाएगा। इस शोभायात्रा में सर्व समाज के लोग भाग लेंगे, जिसमें एनएसएस, एनसीसी, स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएँ शामिल होंगे तथा हाथी एवं घोड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। शोभायात्रा के पुनः क्षत्रिय भवन पहुँचने के बाद संगोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रशांत सिंह ‘अटल’ अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम के दौरान शहीदों की वीर वधुओं का सम्मान भी किया जाएगा। संगोष्ठी के उपरांत सहभोज तथा भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जो देर रात्रि तक चलेगा।
बैठक में मथुरा प्रसाद सिंह ‘जटायु’ डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. बृजेश कुमार सिंह, दिलीप सिंह, समर बहादुर सिंह, विनय सिंह, विजय सिंह, अशोक कुमार, विष्णु पाल, रोहित कुमार, संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
