सामना संवाददाता / मुंबई
शहर में करीब १३,५०० से अधिक ‘सेस’ इमारतें हैं, जिनमें लाखों किरायेदार रहते हैं। इनमें से अधिकांश इमारतें जर्जर और खतरनाक हालत में हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ‘पगड़ी’ और ‘सेस’ इमारतों के पुनर्विकास का मुद्दा तत्काल हल किया जाए, ऐसी मांग शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर की है। शिवसेना नेता ने यह पत्र सोशल मीडिया पर भी साझा किया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल (२०२०-२०२१) में मुंबई की ‘सेस’ व ‘पगड़ी’ इमारतों के पुनर्विकास को बढ़ावा देने के लिए सेक्शन ७९ (अ) और ७९ (ब) के तहत कानूनी प्रावधान किए गए थे। इस कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। हालांकि, कुछ भू-मालिकों ने इसके खिलाफ कानूनी अड़चनें पैदा कर दी हैं। मुंबई में लगभग १३,५०० से अधिक सेस इमारतों में लाखों लोग रह रहे हैं, जिनमें से अधिकांश इमारतें बेहद खतरनाक स्थिति में हैं।
