भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने खेल से संन्यास लेने का पैâसला कर लिया है। उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला २०२३ में खेला था, जिसके बाद से वह घुटने की गंभीर चोट से जूझ रही थीं। एक पॉडकास्ट में साइना ने बताया कि अब उनका शरीर हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग और मुकाबलों का साथ नहीं दे पा रहा था, इसलिए उन्होंने बैडमिंटन को अलविदा कहने का मन बनाया। साइना ने कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अपनी शर्तों पर की और अब उसी तरह विदाई ले रही हैं। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि २०१२ लंदन ओलंपिक का ब्रॉन्ज मेडल रहा, जिसके साथ वह भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। साइना ने ओलंपिक समेत ७ बड़े टूर्नामेंट में कुल १८ मेडल जीते। २०१५ में वह वर्ल्ड नंबर-१ भी रहीं और अर्जुन अवॉर्ड, मेजर ध्यानचंद अवॉर्ड, पद्मश्री व पद्म भूषण जैसे सम्मानों से नवाजी गर्इं।
