सामना संवाददाता / नई दिल्ली
सीबीआई की इस क्लीनचिट ने राजनीतिक विवाद को और भड़का दिया है। राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र यादव ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसी पर तीखा हमला करते हुए कहा, ‘वाह रे वाह, देश की सीबीआई! संजीव मुखिया को क्लीनचिट दे दी। यह सब सरकार के इशारे पर कराया जा रहा है। राजद विधायक भाई वीरेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा और युवाओं का सब्र टूटने के बाद वे देशभर में सड़कों पर उतरे। आंदोलन तेज हुआ तो सरकार को अपनी कुर्सी हिलती दिखाई देने लगी। इसी दबाव में अब जांच एजेंसियों के जरिए ऐसे बयान दिलवाए जा रहे हैं, जिनसे मामले को कमजोर किया जा सके। उन्होंने कहा कि छात्रों का सवाल केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता का है। जब पेपर लीक हुआ, परीक्षार्थियों का नुकसान हुआ और गिरफ्तारियां भी हुईं, तो अब मुख्य आरोपियों को क्लीनचिट दिए जाने से जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है। राजद ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से हो और दोषियों को राजनीतिक संरक्षण देने के बजाय सख्त कार्रवाई की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है, जिसमें पेपर लीक रोकने के लिए उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी देनी होगी। मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी।
