श्रीकिशोर शाही
(बुंगा बुंगा – १६)
नोएमी लेटिजिया के जन्मदिन वाले हंगामे ने मीडिया और इटली की जनता के कान खड़े कर दिए थे, लेकिन सिल्वियो बर्लुस्कोनी को अब भी किसी बात का खौफ नहीं था। उनके विला सैन मार्टिनो की ‘बुंगा बुंगा’ पार्टियां पहले की तरह ही पूरी रफ्तार से चल रही थीं। इसी दौरान उनके इस रंगीन और खतरनाक साम्राज्य में एक ऐसी लड़की की एंट्री हुई, जो उनके अजेय किले के ढहने का सबसे बड़ा और आखिरी कारण बनने वाली थी। इस लड़की का नाम था करीमा अल-मरोग। मिलान के उस अंडरग्राउंड और अय्याश सर्किट में उसे एक बेहद रहस्यमयी नाम से जाना जाता था, ‘रूबी द हार्टस्टीलर’।
रूबी एक बेहद गरीब मोरक्कन अप्रवासी परिवार से ताल्लुक रखती थी। अपने पिता की मार-पीट से तंग आकर वह घर से भाग गई थी और शोहरत की तलाश में मिलान शहर की चकाचौंध में आ भटकी थी। पैसों की तंगी और काम की तलाश उसे जल्द ही उन दलालों के संपर्क में ले आई, जो प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी की महफिलों के लिए खूबसूरत लड़कियों की सप्लाई करते थे। फरवरी २०१० की एक सर्द रात को रूबी पहली बार ‘विला सैन मार्टिनो’ के दरवाजे पार करके अंदर दाखिल हुई। उसकी खूबसूरती और तेज-तर्रार बातों ने ७३ साल के बर्लुस्कोनी को रातों-रात अपना दीवाना बना लिया।
रूबी जल्द ही ‘बुंगा बुंगा’ पार्टियों की सबसे खास और ‘वीआईपी’ मेहमान बन गई। बर्लुस्कोनी उस पर पानी की तरह पैसा लुटाने लगे। उसे हजारों यूरो वैâश, डिजाइनर कपड़े, और महंगे गहने दिए गए। बर्लुस्कोनी उसे अपना टीवी चैनल लॉन्च करने तक का लालच दे रहे थे। लेकिन इन सब के बीच एक सबसे खौफनाक सच ऐसा था, जिसे बर्लुस्कोनी और उनका पूरा तंत्र नजरअंदाज कर रहा था। रूबी कोई वयस्क लड़की नहीं थी। उस समय उसकी उम्र महज१७ साल थी। इटली के कानून में किसी नाबालिग के साथ देह व्यापार एक बहुत बड़ा और गंभीर अपराध था। मगर बूढ़ा बर्लुस्कोनी तो रूबी के लिए पागल हो चुका था। उधर रूबी वह जिंदा ‘टाइम बम’ बन चुकी थी, जिसकी सुइयां तेजी से बर्लुस्कोनी के पतन की ओर बढ़ रही थीं।
(शेष अगले अंक में)
