मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड स्कैंडल्स: लेंस के उस पार से ‘इस पार’!

स्कैम्स एंड स्कैंडल्स: लेंस के उस पार से ‘इस पार’!

श्रीकिशोर शाही

-(सत्ता में सुंदरी की घुसपैठ-२२)

बाली और हांगकांग के अज्ञातवास ने पामेला के भीतर की उस आग को शांत कर दिया था, जो केवल चकाचौंध और सत्ता के लिए धधकती थी। लेकिन उसके भीतर कुछ कर गुजरने का जो मूल जज्बा था, वह अभी भी जिंदा था। पामेला ने तय कर लिया कि वह इतिहास के पन्नों में केवल एक बदनाम ‘गर्ल’ या किसी ‘स्वैंâडल का मोहरा’ बनकर नहीं रहेगी। उसे अपनी कहानी खुद लिखनी थी और इसके लिए उसे एक बिल्कुल नई शुरुआत की जरूरत थी। इसी मजबूत इरादे के साथ पामेला ने पेरिस और न्यूयॉर्क का रुख किया।
न्यूयॉर्क पहुंचकर पामेला ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कला संस्थानों में से एक, ‘पार्सन्स स्कूल ऑफ डिजाइन’ में दाखिला लिया। यह उसके लिए एक बहुत बड़ा और प्रतीकात्मक बदलाव था। अब तक पामेला हमेशा वैâमरे के लेंस के सामने रही थी। चाहे वह पैâशन मैगजीन के कवर हों या फिर उसे नोच खाने के लिए बेताब पैपराजी के फ्लैश, लेकिन अब पामेला ने पैâसला किया था कि वह लेंस के उस पार नहीं, बल्कि ‘वैâमरे के पीछे’ खड़ी होगी। उसने फोटोग्राफी की बारीकियों को अपना नया हथियार बनाया।
यह महज एक शौक नहीं था, यह उसके लिए अपने अतीत के घावों को भरने का एक जरिया था। वैâमरे के लेंस से दुनिया को देखने के इस नए नजरिए ने उसे एक गजब की शांति दी। उसने पेरिस के ‘अमेरिकन यूनिवर्सिटी’ से भी फोटोग्राफी का गहरा अध्ययन किया। अब वह लंदन की हाई-सोसायटी को लुभाने वाली ग्लैमरस पामेला बोर्डेस नहीं थी, बल्कि एक बेहद गंभीर और समर्पित छात्रा थी, जो कला की दुनिया में अपनी एक नई और ठोस पहचान गढ़ रही थी।
जिन अखबारों ने कभी उसकी न्यूड तस्वीरें और चटपटे स्वैंâडल छापकर अपनी रोटियां सेंकी थीं, अब उसी पामेला की खींची हुई तस्वीरें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कला प्रदर्शनियों में अपनी जगह बनाने की तैयारी कर रही थीं। पामेला ने खुद को एक शिकार से एक सशक्त कलाकार में तब्दील कर लिया था। पामेला बोर्डेस का यह रूप दुनिया के लिए बिल्कुल नया था, एक ऐसी महिला जो अपनी राख से उठकर एक नया आसमान छूने की पूरी तैयारी कर चुकी थी।
(शेष अगले अंक में)

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