मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड स्कैंडल्स: जब इटैलियन हो गए ‘मीडियासेट' के दीवाने!

स्कैम्स एंड स्कैंडल्स: जब इटैलियन हो गए ‘मीडियासेट’ के दीवाने!

श्रीकिशोर शाही

(बुंगा बुंगा-४)

‘मिलानो २’ की अपार सफलता के बाद सिल्वियो बर्लुस्कोनी को व्यापार का एक बहुत बड़ा और अचूक मंत्र अच्छी तरह समझ आ गया था, ‘जो दिखता है, वही बिकता है’। अपने द्वारा बसाए गए इस नए शहर के निवासियों के मनोरंजन के लिए उसने शुरुआत में एक छोटी सी लोकल केबल टीवी सर्विस शुरू की थी। यहीं से सिल्वियो के शातिर दिमाग में वह खतरनाक और क्रांतिकारी आइडिया कौंधा, जिसने इटली का इतिहास हमेशा के लिए बदलकर रख दिया।
उस दौर के इटली के टेलीविजन पर केवल सरकारी चैनल ‘राय’ का एकाधिकार था, जो बेहद उबाऊ, नीरस और पुराने ढर्रे के कार्यक्रम दिखाता था। कानून के मुताबिक, कोई भी प्राइवेट चैनल पूरे इटली में एक साथ अपना प्रसारण नहीं कर सकता था। लेकिन सिल्वियो ने कानून की इस बड़ी खामी का एक बेहद शातिर तोड़ निकाला। उसने पूरे देश में छोटे-छोटे लोकल टीवी स्टेशन खरीदे और हर स्टेशन पर एक ही समय में पहले से रिकॉर्ड किए गए कार्यक्रमों के वीडियो टेप चलवा दिए। यह एक तरह से नेशनल टीवी ही था, लेकिन कानूनी पकड़ से बाहर।
देखते ही देखते उसने ‘मीडियासेट’ नाम का इटली का सबसे बड़ा प्राइवेट टीवी नेटवर्क खड़ा कर दिया। सिल्वियो ने इटली के ड्राइंग रूम में अमेरिकी स्टाइल के चमकदार गेम शोज, ग्लैमरस ‘शो-गर्ल्स’ और मनोरंजन का वह चटपटा तड़का परोसा, जिसका नशा इटली की जनता को रातों-रात लग गया। लोग सरकारी चैनल भूलकर मीडियासेट के दीवाने हो गए। अब सिल्वियो केवल एक रियल एस्टेट बिल्डर नहीं रह गया था, उसके हाथ में इटली की सोच, समाज और भविष्य को नियंत्रित करने वाला सबसे ताकतवर ‘रिमोट कंट्रोल’ आ चुका था। वह इटली के टेलीविजन जगत का एकमात्र बेताज बादशाह बन चुका था। उसकी नजरें अब और भी बड़े सपनों की तरफ उठने लगी थीं, क्योंकि टीवी की दुनिया जीतने के बाद उसे अब इटली की रगों में दौड़ने वाले एक नए जुनून की तलाश थी, जो उसे एक मसीहा बना सके।
(शेष अगले अंक में)

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