मुख्यपृष्ठनए समाचारसंवेदनशील शैक्षिक अध्ययन है विद्यालय सर्वेक्षण-डॉ.शिल्पी सिंह

संवेदनशील शैक्षिक अध्ययन है विद्यालय सर्वेक्षण-डॉ.शिल्पी सिंह

-विद्यालय सर्वेक्षण पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

जिलामुख्यालय स्थित राणाप्रताप पीजी कालेज के बीए द्वितीय सेमेस्टर शिक्षाशास्त्र के विद्यार्थियों के लिये प्रायोगिक कार्य के अंतर्गत “विद्यालय सर्वेक्षण का उद्देश्य, प्रक्रिया एवं महत्व” विषय पर एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विभागाध्यक्ष डॉ. शिल्पी सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय सर्वेक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह एक संवेदनशील शैक्षिक अध्ययन है, जिसके माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षणार्थी वास्तविक विद्यालयी परिस्थितियों, शिक्षण-पद्धतियों, छात्र व्यवहार, संसाधनों की उपलब्धता एवं चुनौतियों को निकट से समझते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक सफल शिक्षक बनने के लिए जमीनी अनुभव अत्यंत आवश्यक है, और सर्वेक्षण विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, समस्या समाधान क्षमता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। प्रमुख जिज्ञासा प्रश्न इस प्रकार रहे- विद्यालय सर्वेक्षण के दौरान किन-किन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए? सर्वेक्षण के लिए प्रश्नावली कैसे तैयार की जाए? ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों के सर्वेक्षण में क्या अंतर होता है? सर्वेक्षण रिपोर्ट को प्रभावी एवं प्रामाणिक बनाने के उपाय क्या हैं? सर्वेक्षण के निष्कर्षों का शिक्षण कार्य में किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है? इन सभी प्रश्नों का विभागाध्यक्ष द्वारा सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से संतोषजनक समाधान प्रस्तुत किया गया, जिससे विद्यार्थियों में विषय के प्रति स्पष्टता एवं उत्साह दोनों में वृद्धि हुई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को सर्वेक्षण कार्य को गंभीरता, निष्पक्षता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संपन्न करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाशास्त्र विभाग के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को अत्यंत लाभकारी बताया।

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