राजपत्रित अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आने के बाद मंत्रालय में जबरदस्त खलबली मच गई है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे के निजी सचिव पर महिला अधिकारियों के साथ अश्लील भाषा में बात करने, ट्रांसफर-पोस्टिंग का कथित रैकेट चलाने, अधिकारियों को धमकाने और सत्ता का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के राजपत्रित अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजी शिकायत में दावा किया है कि विभाग में लंबे समय से डर और दबाव का माहौल बनाया गया था। शिकायत सामने आने के बाद मंत्रालयीन गलियारों में इस मामले की जोरदार चर्चा शुरू हो गई है।
शिकायत में कहा गया है कि निजी सचिव अपने पद का इस्तेमाल कर अधिकारियों, खासकर महिला अधिकारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करता था। कई महिला अधिकारियों को कथित तौर पर अश्लील और शर्मनाक टिप्पणियों का सामना करना पड़ता था। संघ का आरोप है कि सचिव का महिलाओं के प्रति रवैया ‘असंवेदनशील, असंस्कृत और संकीर्ण मानसिकता’ वाला था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई अधिकारी सिर्फ इसलिए चुप रहे क्योंकि उन्हें डर था कि विरोध करने पर उनके करियर को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाने और बदनाम करने की धमकियां भी दी जाती थीं।इस पूरे मामले का सबसे गंभीर हिस्सा ट्रांसफर और प्रतिनियुक्ति से जुड़े आरोपों को माना जा रहा है। अधिकारी संघ ने दावा किया है कि विभाग में पोस्टिंग और तबादलों के लिए एक ‘समानांतर व्यवस्था’ खड़ी कर दी गई थी। आरोप है कि जो अधिकारी कथित निर्देशों या आर्थिक व्यवहारों में शामिल नहीं होते थे, उन्हें गैरसुविधाजनक जगहों पर भेजने की कोशिश की जाती थी। वहीं कुछ अधिकारियों को फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह दावा भी किया गया है कि कुछ बाहरी लोगों और विभागीय अधिकारियों को साथ लेकर आर्थिक लेनदेन किए जा रहे थे।
विपक्ष हमलावर
इस विवाद ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस की महिला प्रदेशाध्यक्ष रोहिणी खडसे ने सवाल उठाया है कि क्या मंत्री कार्यालय में चल रही गतिविधियों की जानकारी मंत्री अदिति तटकरे को नहीं है? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े कथित आर्थिक व्यवहारों में किसी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण था? विपक्ष का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करने वाली सरकार के विभाग में अगर महिला अधिकारी ही असुरक्षित महसूस कर रही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है। हालांकि, सरकार और मंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, उससे फडणवीस सरकार पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। मंत्रालय के कई अधिकारी अब इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि विभाग में लंबे समय से कुछ लोग ‘सत्ता के नाम’ पर दबाव की राजनीति चला रहे थे।
