– २०० लोगों को थमाए गए नकली नियुक्ति पत्र
– चार पीड़ितों ने दर्ज कराया आपराधिक मामला
– कई सरकारी अधिकारियों के शामिल होने की आशंका
रामदिनेश यादव / मुंबई
भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने की बात करती है, पर सीएम फडणवीस की नाक के नीचे मंत्रालय में फर्जी इंटरव्यू लेकर नकली नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे, ऐसा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जाता है कि करीब २०० लोगों से नौकरी के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की गई है। इनमें से चार लोगों ने सामने आकर पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
हैरानी की बात है कि मंत्रालय के भीतर दरवाजे पर नकली नेमप्लेट लगाकर फर्जी अधिकारी की केबिन में इंटरव्यू हुए और किसी को कानों कान खबर नहीं हुई। फडणवीस के बतौर पिछले मुख्यमंत्री के काल में इस मामले की शुरुआत हुई थी। अब जाकर पीड़ित सामने आए हैं।
अधिकारियों की मिली भगत
इस घटना से मंत्रालय में एक तरफ जहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहा है, वहीं राज्य सरकार के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों के मिले होने के भी साफ संकेत मिल रहे हैं। सीधे मंत्रालय के भीतर बैठकर राज्य में मेगा भर्ती का फर्जी खेल होने की यह घटना राज्य सरकार के माथे पर कलंक लगने जैसी है। आरोप लग रहा है कि मंत्रालय में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा था और फडणवीस सरकार को बनक तक नहीं लगी।
रु.१० लाख में बांटे गए फर्जी नियुक्ति पत्र!
एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
मंत्रालय में कनिष्ठ लिपिक के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देनेवाले सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मंत्रालय में इंटरव्यू लेकर प्रति व्यक्ति १० लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है। इनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी अभी भी फरार हैं। यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता राहुल तायडे ने दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर पीड़ित लोगों को न्याय देना चाहिए। राहुल तायडे के अनुसार, वे नौकरी की तलाश में थे। तभी आरोपी लॉरेंस हेनरी उनके एक दोस्त के साथ उनके घर आया। उसने मंत्रालय में कनिष्ठ लिपिक की नौकरी लगवा देने का दावा करके उनसे कई बार में ९ लाख ९५ हजार रुपए लिए। उसने तायडे की मुंबई के जे. जे. हॉस्पिटल में मेडिकल जांच भी करवाई। उसके बाद मुंबई के मंत्रालय में आरोपी शिल्पा उदापुरे के नाम की पट्टी लगे केबिन में तायडे का इंटरव्यू भी आरोपियों ने लिया। आरोपियों ने पैसे लेने के बावजूद जॉइनिंग लेटर नहीं दिया। जोर देने पर उन्होंने आईडी कार्ड दे दिया। इन आईडी कार्डों को दिखाने के बाद मंत्रालय में आसानी से प्रवेश मिल जाता था। कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों ने उन्हें नौकरी नहीं दी, जिसके बाद तायडे ने चंद्रपुर के पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई और इसके बाद पिछले हफ्ते आरोपी हेनरी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार सैकड़ों लोगों के साथ धोखाधड़ी की संभावना तायडे ने व्यक्त की। आरोपियों द्वारा महाराष्ट्र में २०० से अधिक बेरोजगारों के साथ धोखाधड़ी करने की संभावना है। इनमें से धोखाधड़ी के शिकार चार लोगों ने अब तक चंद्रपुर और वर्धा के पुलिस स्टेशनों में शिकायतें दर्ज कराई हैं। तायडे ने बताया कि जागरूकता बढ़ने के साथ और भी पीड़ितों के सामने आकर मामला दर्ज कराने की संभावना है।
