संदीप पांडेय / मुंबई
अंधेरी (पूर्व), चकाला-सहार रोड स्थित शारदा अपार्टमेंट में शारदा नवरात्रि उत्सव मंडल ने इस वर्ष अपना ३२वां वार्षिक आयोजन भव्यता के साथ संपन्न किया। १९९४ से चली आ रही इस परंपरा में इस बार श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से केदारनाथ मंदिर की भव्य प्रतिकृति तैयार की गई, जिसने आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टि से नया आयाम दिया।
गुंबदों की आकृति, शिल्पकला और पारंपरिक आभूषणों से सजी इस झांकी ने श्रद्धालुओं को उत्तराखंड के धाम का अनुभव कराया। प्रवेश द्वार पर सजावटी ढांचे और चारों ओर की प्रकाश-सज्जा ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, वहीं गर्भगृह में सजी-संवरी माता की प्रतिमा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।
उत्सव के दौरान केवल सजावट ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों पर भी विशेष जोर दिया गया। स्थानीय युवा कलाकारों ने गरबा और भजन-कीर्तन की प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। साथ ही एक लघु दान-अभियान के माध्यम से आश्रम और वृद्धाश्रमों के लिए सहयोग भी जुटाया गया। पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी दिखाते हुए मंडल ने इस बार इको-प्रâेंडली सामग्री का उपयोग कर एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
मंडल की स्थापना विट्ठल वेतुर्कर के नेतृत्व में हुई थी। वर्तमान में अध्यक्ष आकाश गाडे, उपाध्यक्ष राजेश माने, खजिनदार सौरभ कांबले, सचिव अडोनिस ब्रेगांजा और सक्रिय कार्यकर्ता करण घरसुंद, अमित जाधव, कुणाल मसुरकर, प्रथम पाटील, आदित्य जितेकर, ओंकार चौधरी, आयुष निर्मल, सुबोध सोनावले, विनोद गर्सुंद, मनीष पटेल तथा जय पटेल ने पूरे आयोजन की व्यवस्था और सजावट में अहम भूमिका निभाई।
