– गुट तोड़ने का रोया रोना
सामना संवाददाता / मुंबई
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक बार फिर दिल्ली के शाह दरबार में पहुंच गए हैं। खबर है कि वहां उन्होंने शाह के समक्ष गुहार लगाई है कि वे उन्हें फडणवीस के फंदे से बचाएं। असल में फडणवीस ने शिंदे की घेराबंदी मजबूत कर दी है, इससे वे अपनी मनमर्जी से काम नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा शिंदे गुट में भी भाजपा ने तोड़-फोड़ शुरू कर दी है। यही वजह है कि शिंदे ने शाह के पास फडणवीस के फंदे से बचाने की गुहार लगाई है। शिंदे के बार-बार दिल्ली दरबार में जाकर हाजिरी लगाने से राज्य के राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
महायुति में महासंग्राम
शिंदे गुट के मंत्रियों के नहीं हो रहे हैं काम!
महायुति के तीनों दलों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। शिंदे गुट के मंत्रियों के काम नहीं हो रहे हैं। इससे भाजपा और शिंदे गुट में महासंग्राम मचा हुआ है। एक दिन पहले वैâबिनेट का बहिष्कार कर सीएम फडणवीस के खिलाफ एकजुट होकर शिंदे गुट के मंत्रियों ने महायुति में दरारों की दास्तान बयां की।
सूत्रों का दावा है कि फडणवीस लगातार शिंदे गुट को अपने फंदे में फांसते जा रहे हैं। शिंदे गुट के मंत्रियों व विधायकों के काम नहीं हो रहे हैं। फंड की किल्लत और तोड़ने की तैयारी से तो शिंदे की हालत खराब हो गई है। अपना गुट बचाने के लिए एकनाथ शिंदे दिल्ली में शाह की शरण में पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे ने दिल्ली में भाजपा के उच्च पदस्थ नेताओं से मुलाकात कर राज्य की राजनीति में उनके गुट के ऊपर हो रहे दमन को लेकर बात की। विशेष रूप से उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलकर अपनी शिकायतें रखीं। इसके बाद वे वहीं से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पटना रवाना होंगे। उल्लेखनीय है कि जब भी महायुति सरकार में कोई विवाद खड़ा होता है तो शिंदे दिल्ली जाकर भाजपा के शीर्ष नेताओं से शिकायत करते हैं। इसलिए उनके दिल्ली दौरे हमेशा राजनीतिक चर्चा का विषय बने रहते हैं। पिछले अक्टूबर महीने के अंत में भी वे दिल्ली गए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे।
