सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में शिवसेना के ६ सांसदों द्वारा पार्टी व्हिप को नजरअंदाज कर शिंदे गुट के साथ जाने की खबरों के बीच राज्य की जनता और शिवसैनिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वे पार्टी नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं और संगठन की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेंगे।
नांदेड़ में आष्टीकर के पुतले का दहन
हिंगोली के सांसद नागेश पाटील आष्टीकर के विरोध में नांदेड़ में शिवसैनिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ‘शिवसेना अंगार है, बाकी सब भंगार है’, ‘नागेश पाटील मुर्दाबाद’ और ‘शिवसेना के गद्दारों को जूते मारो…’, जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने नागेश पाटील आष्टीकर के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया और अपना रोष व्यक्त किया।
संजय जाधव का पुतला जलाया
परभणी के सांसद संजय जाधव के खिलाफ परभणी जिले में शिवसैनिकों ने विरोध प्रदर्शन कर नाराजगी व्यक्त की। विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की और प्रतीकात्मक रूप से विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सांसद संजय जाधव के चित्र के साथ प्रतीकात्मक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज चौक तक पहुंचा। वहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए उनका चित्र और प्रतीकात्मक पुतला जलाकर अपना रोष व्यक्त किया।
अहिल्यानगर और शिर्डी में वाघचौरे के खिलाफ रोष
शिर्डी के सांसद भाऊसाहेब वाघचौरे के खिलाफ संगमनेर, अहिल्यानगर और शिर्डी में स्थानीय शिवसैनिकों तथा नागरिकों ने तीव्र नाराजगी व्यक्त करते हुए विभिन्न स्थानों पर जमकर विरोध प्रदर्शन किए। संगमनेर तालुका में आक्रोशित शिवसैनिकों ने सांसद वाघचौरे के प्रतीकात्मक पुतले को साड़ी पहनाकर जुलूस निकाला और जोरदार नारेबाजी करते हुए उसका दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने साईं बाबा की झूठी शपथ ली है और शिवसैनिकों के साथ क्षेत्र की आम जनता के साथ गद्दारी की।
यवतमाल में संजय देशमुख के पुतले पर जूते बरसाए
यवतमाल में शिवसैनिकों ने सांसद संजय देशमुख के प्रतीकात्मक पुतले पर जूते मारकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने ‘गद्दारों का विरोध हो’, ‘संजय देशमुख मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए।
