सामना संवाददाता / मुंबई
दादा गुट के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी छोड़ने वालों की बढ़ती संख्या और लगातार सामने आ रही नाराजगी के बीच अब एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस पार्टी के राज्यपाल कोटे से विधान परिषद सदस्य इद्रिस नायकवडी से पार्टी की ओर से इस्तीफा मांगे जाने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, करीब १५ दिन पहले उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के ओएसडी की ओर से नायकवडी को इस्तीफा देने के लिए संदेश दिया गया था। हालांकि, नायकवडी ने साफ तौर पर इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद पार्टी के एक युवा नेता ने भी उनसे दोबारा इस्तीफा देने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, नायकवडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक दादा थे, उन्होंने खुद उनसे इस्तीफा देने के लिए कभी नहीं कहा। अब वह अपना पद नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दादा ने कभी व्यक्तिगत रूप से उनसे इस्तीफे को लेकर कोई चर्चा नहीं की थी इसलिए वह इस्तीफा नहीं देंगे। इस घटनाक्रम ने दादा गुट के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और खींचतान की चर्चाओं को और तेज कर दिया है। पिछले कुछ समय से पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता अलग राह पकड़ते दिखाई दिए हैं। ऐसे में अब विधायक से इस्तीफा मांगने की खबर ने यह संकेत दे दिया है कि पार्टी के अंदर सब कुछ सामान्य नहीं है। इस बीच दादा गुट की कल होने वाली अहम बैठक पर भी सभी की नजरें टिक गई हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में नायकवडी के इस्तीफे के मुद्दे के साथ-साथ विधान परिषद चुनाव को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी।
