मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिप्रतापगढ़ में हुआ सुल्तानपुर की कवयित्री प्रज्ञा तिवारी का सम्मान

प्रतापगढ़ में हुआ सुल्तानपुर की कवयित्री प्रज्ञा तिवारी का सम्मान

पुस्तक ‘बाल प्रज्ञा प्रबोधिनी’ और ‘प्रगति पथ’ का विमोचन

सामना संवाददाता/सुल्तानपुर

जनपद सुल्तानपुर की लोकप्रिय कवयित्री एवं सुप्रसिद्ध लेखिका प्रज्ञा तिवारी की पुस्तकों ‘बाल प्रज्ञा प्रबोधिनी’ और ‘प्रगति पथ’ का विमोचन शहर के एक निजी होटल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्यकारों, कवियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

इस अवसर पर प्रज्ञा तिवारी ने बताया कि उन्होंने सैकड़ों कविताएं लिखी हैं, जिनका क्रमिक रूप से प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने अपनी आगामी पुस्तकों की जानकारी भी साझा की और कहा कि इन पुस्तकों का प्रकाशन तथा विमोचन वरिष्ठ पत्रकार अखिल नारायण सिंह के सहयोग के बिना संभव नहीं हो पाता।

कार्यक्रम के दौरान न्यूज स्टैंडर्ड समाचार पत्र द्वारा प्रज्ञा तिवारी को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मीरा तिवारी द्वारा वाणी वंदना से हुई। इसके बाद विभिन्न कवयित्रियों ने काव्य पाठ के माध्यम से लेखिका को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मीरा तिवारी, पूनम मिश्रा, महाश्वेता राजे सिंह, चांदनी दुबे, डॉ. रंजीता समृद्धि और नाजो नाज ने काव्य पाठ किया। सभी कवयित्रियों को शाल, सम्मान पत्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यू एंजिल्स कॉलेज की प्रबंधिका डॉ. शाहिदा खान ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सुल्तानपुर की लोकप्रिय कवयित्री प्रतिभा पांडे उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान चांदनी दुबे ने अतिथियों का बैज लगाकर स्वागत किया।

कार्यक्रम के आयोजक वरिष्ठ पत्रकार अखिल नारायण सिंह ने सभी अतिथियों का शाल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। इस अवसर पर डॉ. हरिकेश बहादुर सिंह ने कहा कि सुमन समाचार पत्र नए लेखकों को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम है, जिसकी शुरुआत स्वर्गीय सत्यनारायण सिंह ने की थी और अब इसे आगे बढ़ाने का कार्य अखिल नारायण सिंह कर रहे हैं।  डॉ. संगम लाल त्रिपाठी भंवर ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए प्रज्ञा तिवारी को शुभकामनाएं दीं। अनिल प्रताप त्रिपाठी ‘प्रवात’ ने अतिथियों का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया।

कार्यक्रम के संयोजक नियाज प्रतापगढ़ी ने कहा कि प्रज्ञा तिवारी की रचनाओं में समाज, साहित्य और मानवीय संवेदनाओं के प्रति गहरी समझ दिखाई देती है, जो उन्हें एक सशक्त रचनाकार के रूप में स्थापित करती है। वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम कुमार त्रिपाठी ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि अंत में अनिल प्रताप त्रिपाठी ‘प्रवात’ ने सभी को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर समाजसेवी श्याम शंकर द्विवेदी, संजय द्विवेदी, डॉ. शमीम खान, रामकेवल पुष्पाकर, रिजवान अहमद, मोहम्मद अनीस, संतोष सिंह (मैनेजर, होटल सिद्धार्थ) सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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