मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस रिमांड के दौरान बुधवार को दिनभर चली पूछताछ के बाद देर रात तीनों आरोपियों को पुलिस उनके ठिकानों पर लेकर पहुंची। जहां तलाशी के दौरान नकदी, सोने के आभूषण और अन्य अहम सुराग हाथ लगे। आरोपी अनुकल्प मिश्रा की कार भी बरामद कर ली गई है। बता दें कि बुधवार सुबह करीब सात बजे पुलिस अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को जिला जेल से 40 घंटे की कस्टडी रिमांड पर बाहर निकाला गया था। पुलिस टीम सभी आरोपियों को जेल से पुलिस लाइन लाई, जहां उनसे घंटों पूछताछ चली। इनपुट के आधार पर तीनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर तलाशी कराई गई। सबसे पहले पुलिस टीम लवकुश मिश्रा को लेकर रवाना हुई। उसे रुदौली कोतवाली क्षेत्र के ठाकुरन फगौली स्थित उसके घर ले जाया गया। करीब पांच-छह पुलिस वाहनों का काफिला गांव पहुंचने से हलचल मच गई।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को अपने घरों में जाने के लिए कहा। इसके बाद पुलिस ने लवकुश के घर में काफी देर तक तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, यहां से सोने का लॉकेट मिला, जिस पर लवकुश का नाम अंकित था। यह लॉकेट उसने अपनी पत्नी को गिफ्ट किया था। इसके अलावा यहां से लगभग 35 हजार रुपये मिले। बृहस्पतिवार की सुबह लगभग 05:30 बजे आरोपी अनुकल्प मिश्रा को उसके कौशलपुरी कॉलोनी स्थित मकान ले जाया गया। वहां पर तलाशी के दौरान सोने की चेन, लगभग 15 हजार रुपये नकद और एक कार बरामद हुई। यह कार अनुकल्प ने 16 मई, 2025 को अपने पिता रवींद्र मिश्रा के नाम से खरीदी थी।
इसी दौरान एक अन्य टीम करुणेश पांडेय को उसके नाका गांधी आश्रम के पास स्थित किराये के मकान पर ले गई। जहां से लगभग 10 हजार रुपये बरामद हुए हैं। इसके बाद आरोपियों को वापस पुलिस लाइन परिसर लाया गया, जहां उनसे और उनके परिजनों से दिनभर पूछताछ हुई। एजेंसियां आरोपियों के नाम और परिजनों से जुड़ी संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही हैं। रात करीब 10 बजे तीनों आरोपियों को दोबारा जिला जेल भेज दिया गया। बताते हैं कि अनुकल्प मिश्रा ने कौशलपुरी कॉलोनी का मकान करीब 30 लाख रुपये की रजिस्ट्री पर खरीदा था। जबकि उसने इसके एवज में लगभग 70 लाख रुपये दिए थे। इस मकान की बाजार मूल्य भी इससे कहीं अधिक बताई जा रही है। मकान के नवीनीकरण और गृह प्रवेश पर भी करीब पांच लाख रुपये खर्च होने का दावा किया गया है। अब पुलिस दस्तावेजों और भुगतान के स्रोत का सत्यापन कर रही है।
