-डीएम ने दिए पोस्टमार्टम व जांच के आदेश
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
करीब ढाई माह पूर्व सुल्तानपुर के मूल निवासी युवक की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय एवं पंकज पांडेय के प्रयासों और सहयोग से मृत्यु के ढाई माह बाद सऊदी अरब सरकार ने सोमवार को युवक का शव उसके घर भेजा। परिवारीजनों ने मौत की वजहों को लेकर संदेह जताया और जिलाधिकारी से गंभीर जांच की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सुल्तानपुर ने संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता का परिचय देते हुए शव के पोस्टमार्टम की अनुमति प्रदान की, जिससे कि मृत्यु की वास्तविक वजहों की निष्पक्ष जांच हो सके।
बता दें कि सुल्तानपुर जिले के धनपतगंज थानांतर्गत अतरसुमा कला गांव निवासी वरुण यादव (२३) कुछ वर्ष पूर्व रोजी-रोटी के सिलसिले में सऊदी अरब गया था। जहां पर उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दिवंगत युवक के बड़े भाई अरुण यादव ने बताया कि वरुण दिसंबर २०२३ में सऊदी अरब के रियाद शहर ड्राइवर का वीजा लेकर गए थे। यह वीजा गांव के ही शैलेंद्र कुमार शर्मा ने दिलवाया था। वहां पहुंचने के बाद वरुण से ड्राइवर की जगह लेबर का काम कराया जाने लगा। हालांकि, वह हर महीने या दो महीने पर घर पैसे भेजते थे। २०२५ में दो साल का वीजा पूरा होने पर वरुण ने इसे एक साल के लिए बढ़वा लिया था। परिजनों को ११ मार्च को सूचना मिली कि मक्का में एक ट्रक से गिरने के कारण वरुण को चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद २७ या २८ मार्च को अस्पताल में उनकी हालत गंभीर हो गई और उनकी मृत्यु हो गई। अरुण यादव का कहना है कि उन्हें वरुण की मौत की जानकारी २८ मार्च को मिली, जबकि मृत्यु प्रमाणपत्र में मौत की तारीख १८ मार्च दर्ज है। तारीखों में इस अंतर और सूचना मिलने में हुई देरी के कारण परिजन मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध मान रहे हैं। परिजनों को यह भी स्पष्ट नहीं है कि सऊदी अरब में शव का पोस्टमार्टम हुआ था या नहीं, इसलिए वे भारत में दोबारा पोस्टमार्टम करवा रहे हैं।
परिजनों ने इस संबंध में भारतीय दूतावास को पहले ही शिकायत और जानकारी दे दी है। उधर सुल्तानपुर के डीएम इंदरजीत सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम व जांच के आदेश दिए हैं।
