अजय भट्टाचार्य
दो दिन पहले ही बाबाजी मऊ में गरजे थे कि कोई माफिया अब पिस्टल लहराते हुए किसी हिंदू को धमका नहीं सकता। उनके इस बयान के ठीक एक दिन बाद मऊ से सटे गाजीपुर में करोड़पति होटल मालिक आलोक राय के जवान बेटे विनीत राय की रंगदारी के लिए उसके अपने होटल पर ही हत्या कर दी गई। आरोप ब्राह्मण श्रेष्ठ शंकर पांडेय के कटरा गैंग पर है। बाबा की मानें तो इनमें से क्या सच होगा? हत्यारे माफिया नहीं थे। या विनीत राय हिंदू नहीं थे? अपराधी पिस्टल लहरा कर धमकी नहीं दे सकते लेकिन हत्या कर सकते हैं! बाबाजी की मऊ गर्जना से दो दिन पहले लखनऊ में संदीप सिंह को उनके ऑफिस के सामने मार डाला गया था, इसके बाद शिवम सिंह को सिगरेट न देने पर पीट-पीट कर और पीछा कर पत्थरों से कूंच-कूंचकर मारा गया। बाबा सन्यासी हैं, झूठ तो बोलते न होंगे कि अपराधी उनके डर से प्रदेश छोड़ भाग गए हैं। मतलब बचे हुए सज्जन हत्या कर रहे हैं!
खनन पर मनन
चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जिस सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी उसके मुखिया की शराब के ठेकों में, खनन के खेल में और जमीन के सौदों में बड़ी दिलचस्पी है। सुबह की चाय के साथ सबसे पहले शराब के ठेकों से आ रहे पैसों का हिसाब किताब लेते हैं। उसके बाद खनन के खेल से मिल रहे पैसों की खबर लेते हैं। मुखिया को खनन में खलल बिल्कुल पसंद नहीं है, खनक पसंद है। खबर है कि उन्होंने आजकल ऐसे व्यक्ति को अपना सलाहकार बनाया हुआ है, जो पहले अवैध खनन के लिए पूरे राज्य में बदनाम रहा है। जेल भी जा चुका है। मुखिया के करीबी रिश्तेदार भी खेल कर रहे हैं। ये खबरें दिल्ली तक पहुंच चुकी हैं। हो सकता है चुनाव से पहले मुखिया बदल जाए।
वही समीकरण
चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस से नाराज एक बड़े नेता यह कहकर भाजपा में गए कि चूंकि मैं सिख नहीं हूं इसलिए मुझे कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नहीं बनाया, भाजपा ने उन्हें पंजाब का अध्यक्ष बना दिया। अब भाजपा ने पंजाब में जट सिख चेहरे को तरजीह देते हुए उनकी जगह एक सरदारजी को पंजाब का अध्यक्ष बनाया है। राजनीति में पार्टी बदलने से सब कुछ बदल जाए, यह जरूरी नहीं। कभी-कभी वही समीकरण नए पते पर भी आपका इंतजार कर रहे होते हैं!
