जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के ठहरने की व्यवस्था को लेकर बीसीसीआई ने आपत्ति दर्ज कराई है। आयोजकों ने एक होटल कमरे में दो क्रिकेटरों को ठहराने की व्यवस्था की है, लेकिन बीसीसीआई चाहता है कि प्रत्येक खिलाड़ी को अलग कमरा मिले। इसके लिए बोर्ड ने भारतीय ओलंपिक संघ से आयोजकों के सामने मांग रखने को कहा है।
बीसीसीआई की एक टीम जल्द आइची-नागोया जाकर व्यवस्थाओं का जायजा ले सकती है। इसके बाद पैâसला होगा कि भारतीय क्रिकेटर आयोजकों की ओर से तय होटलों में रहेंगे या बोर्ड अपने खर्च पर अलग होटल की व्यवस्था करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार लगभग १७ हजार खिलाड़ियों के पहुंचने की संभावना है, जबकि शुरुआती आवास व्यवस्था करीब १५ हजार खिलाड़ियों के हिसाब से की गई थी। इसी कारण आयोजकों के लिए हर खिलाड़ी को अलग कमरा देना मुश्किल हो सकता है।
हवाई सफर का खर्च भी बीसीसीआई उठाएगा
बोर्ड ने आईओए को यह भी बताया है कि क्रिकेटरों की हवाई यात्रा का खर्च वह खेल मंत्रालय से नहीं लेगा। भारतीय क्रिकेटरों को बिजनेस क्लास में जापान भेजने का खर्च बीसीसीआई स्वयं उठाएगा। आईओए ने करीब ५० क्रिकेटरों और सपोर्ट स्टाफ के लिए यात्रा, दैनिक भत्ता और किट सहित लगभग २.३४ करोड़ रुपये का खर्च तय किया था।
पुरुष टीम श्रेयस अय्यर की कप्तानी में उतरने वाली है, जबकि महिला टीम की अगुआई हरमनप्रीत कौर करेंगी। भारत पिछली बार पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीत चुका है। इस बार क्रिकेट प्रतियोगिता १७ सितंबर से शुरू होगी और पुरुषों का फाइनल ३ अक्टूबर को खेला जाएगा।
बाकी खिलाड़ी साथ-साथ,
क्रिकेटरों को अलग कमरा क्यों?
एशियाई खेलों जैसे बहु-खेल आयोजनों में दुनिया के बड़े से बड़े खिलाड़ी सामान्यत: आयोजकों की सामूहिक आवास व्यवस्था का हिस्सा बनते हैं। ऐसे में बीसीसीआई की ‘एक खिलाड़ी-एक कमरा’ मांग पर यह सवाल भी उठ सकता है कि क्या भारतीय क्रिकेटरों के लिए दूसरे खिलाड़ियों से अलग सुविधाओं का मानदंड होना चाहिए। दूसरी तरफ बोर्ड का तर्क खिलाड़ियों की निजता, आराम और मैच से पहले पर्याप्त विश्राम सुनिश्चित करने का हो सकता है।
