धीरज फूलमती सिंह
मुंबई
भारत में नौकरी लगते ही घूमने-फिरने का सपना देखने वाले युवाओं की पसंदीदा विदेशी जगहों में थाईलैंड का नाम अक्सर सबसे ऊपर आता है। खूबसूरत समुद्र तट, शानदार रिसॉर्ट, नाइटलाइफ, रोमांच और मनोरंजन-थाईलैंड पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे कुछ ऐसे जोखिम भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है।
खासतौर पर बैंकॉक और पटाया जैसे पर्यटन केंद्रों में नाइटलाइफ और मसाज से जुड़ी गतिविधियां लंबे समय से चर्चा में रही हैं। ऐसे माहौल में घूमने पहुंचे पर्यटकों को यह समझना जरूरी है कि हर तरह की मौज-मस्ती सुरक्षित नहीं होती। असुरक्षित यौन संबंध एचआईवी सहित कई यौन संचारित संक्रमणों का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए कुछ घंटों के रोमांच के लिए जिंदगीभर की परेशानी मोल लेना समझदारी नहीं है।
थाईलैंड को लेकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कई तरह के चौंकाने वाले आंकड़े और दावे वायरल होते रहते हैं। मसलन, वहां की अर्थव्यवस्था में देह व्यापार की हिस्सेदारी या एचआईवी संक्रमित लोगों की संख्या को लेकर कई अतिरंजित दावे किए जाते हैं। ऐसे आंकड़ों की पुष्टि किए बिना उन्हें सच मानना ठीक नहीं है। लेकिन इतना जरूर है कि असुरक्षित यौन व्यवहार से संक्रमण का वास्तविक खतरा मौजूद रहता है।
इसलिए विदेश घूमने जाएं तो जिम्मेदारी के साथ जाएं। स्थानीय कानूनों का सम्मान करें, किसी भी यौन संबंध में सहमति और सुरक्षा को प्राथमिकता दें और जोखिम की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह व जांच लेने में बिल्कुल संकोच न करें।
और एक जरूरी बात-किसी व्यक्ति का थाईलैंड जाना अपने आप में उसके चरित्र या बीमारी का प्रमाण नहीं है। शादी से पहले पार्टनर की यात्रा को शक की नजर से देखने के बजाय आपसी विश्वास और जरूरत पड़ने पर दोनों की स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देना बेहतर है। याद रखिए-विदेश की यात्रा यादगार बननी चाहिए, जिंदगीभर का पछतावा नहीं।
बाबूजी, थाईलैंड जाइए, लेकिन धीरे चलिए, जरा संभलकर!
