अनिल मिश्र / रांची
झारखंड प्रदेश में उगाया जाने वाले आम्रपाली आम ने अब दुबई तक की यात्रा तय कर दिया है। बाबा नगरी (बैजनाथ धाम) देवघर और गुमला जिले का आम्रपाली आम दुबई का लूलू मॉल पहुंच गया है। दरअसल देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड स्थित आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसाइटी और गुमला जिले के गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एवं एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार बागानों में उत्पादित दो टन ‘आम्रपाली’ आम की पहली खेप, जेएसएलपीएस के माध्यम से दुबई पहुंच गई है।जेएसएलपीएस द्वारा स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता आधारित प्रसंस्करण एवं आधुनिक विपणन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। इससे न केवल महिला किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि झारखंड के उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान भी मिल रही है।
दरअसल दुबई के प्रतिष्ठित लूलू मॉल में उपलब्ध यह आम अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और मिठास से ग्राहकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इससे पहले झारखंड के कई जिलों से भी आम्रपाली आम की खेप लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि राज्य की महिला किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और कृषि आधारित आजीविका मॉडल की बढ़ती सफलता का परिचायक है।इस बीच झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि वैश्विक बाजार में आम्रपाली आम को मिल रही पहचान का वास्तविक श्रेय राज्य की मेहनतकश दीदियों को जाता है। हमारी दीदियों की मेहनत, गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जेएसएलपीएस के प्रभावी प्रबंधन का ही परिणाम है कि आज झारखंड का आम्रपाली आम दुबई, लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही ‘पलाश’ ब्रांड के अंतर्गत राज्यभर में विशेष आम बिक्री स्टॉल स्थापित कर स्वयं सहायता समूहों एवं एफपीओ से जुड़े किसानों द्वारा उत्पादित आमों की व्यापक मार्केटिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं स्थानीय बाजार में मिली सफलता के बाद इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए आम्रपाली आम को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया गया।
