उमेश गुप्ता / वाराणसी
समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट आलोक सौरभ पांडे ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अनर्गल और निराधार आरोप लगाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में उन्होंने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर (सीपी) को एक शिकायती पत्र सौंपकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की है।
मीडिया से बात करते हुए एडवोकेट आलोक सौरभ पांडे ने बताया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा सबसे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनता के सामने उजागर किया था। इस मामले की जाँच चल रही है और कई लोगों को आरोपी भी बनाया गया है, जिनमें से एक आरोपी टिल्लू यादव भी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने केवल ‘यादव’ सरनेम होने के नाते टिल्लू यादव का नाम अखिलेश यादव से जोड़कर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे किए। अजय आलोक ने दावा किया था कि टिल्लू यादव और अखिलेश यादव के बीच 900 से अधिक बार बातचीत हुई है।
सपा नेता आलोक सौरभ पांडे ने भाजपा प्रवक्ता के दावों को पूरी तरह से फर्जी और निराधार बताते हुए कहा:
”अजय आलोक के पास कोई सीडीआर नहीं है। किसी भी सक्षम जाँच एजेंसी ने ऐसा कोई सीडीआर या कॉल रिकॉर्ड डिटेल जारी नहीं की है और न ही यह कहा है कि आरोपी की बात किससे होती थी। ऐसे में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति और पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह का झूठा और आपराधिक कृत्य करना और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना बेहद निंदनीय है।”
