खुद से बेपरवाह होकर नदी में डूब रहे तीन मासूम बच्चों की जान बचाने वाले 13 वर्षीय बालक राजकुमार निषाद को प्रशासन ने दिया बाल वीरता पुरस्कार
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
अपनी परवाह किए बगैर नदी में डूब रहे तीन मासूम बच्चों की जान बचाने वाला बालक राजकुमार निषाद सुल्तानपुर में सचमुच का ‘राजकुमार’ बन गया है। मंगलवार को उसके अदम्य साहस और वीरता के आगे कलेक्टर और कप्तान भी नतमस्तक हो उठे। नन्हे बालक को उसके कारनामे पर न सिर्फ सम्मान से नवाजा गया, बल्कि प्रशासन की ओर से बाल वीरता पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
घटनाक्रम गत 5 मई को सुल्तानपुर के गोसाईगंज थाना अंतर्गत ग्राम अर्जुनपुर बेलहरी में घटित हुआ। इस गांव के निवासी तीन बच्चे मछली पकड़ने के लिए गोमती नदी के किनारे गए हुए थे। इस दौरान नहाते समय तीनों गहरे पानी में चले जाने के कारण डूबने लगे। पास में ही भैंस चरा रहे 13 वर्षीय बालक राजकुमार पुत्र रामलाल ने जैसे ही उन्हें संकट में देखा, अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी। राजकुमार ने अपने अदम्य साहस व चातुर्य का परिचय देते हुए तीनों बच्चों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। उसके इस साहस की समाज में चहुंओर सराहना हुई। प्रशासन भी इस नन्हे ‘राजकुमार’ के आगे नतमस्तक हो उठा।
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह व कप्तान चारु निगम ने मंगलवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में वीर बालक राजकुमार का सम्मान समारोह आयोजित किया। उसे बाल वीरता पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
