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प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों के नाम की गई अपील उपदेश नहीं, बल्कि नाकामी के हैं सबूत- कांग्रेस

अनिल मिश्र / पटना

इजराइल-अमेरिका-ईरान युद्ध एवं पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद देश के प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने, पेट्रोल-डीजल कम जलाने, विदेश नहीं जाने, खाद और तेल का कम उपयोग करने, मेट्रो में यात्रा करने तथा घर से काम करने जैसी अपीलें करना उनके उपदेश नहीं, बल्कि नाकामी के सबूत हैं।
उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, इंटक महासचिव टिंकू गिरी, विपिन बिहारी सिन्हा, विशाल कुमार, मोहम्मद शामिम आलम, मुन्ना मांझी और सुजीत गुप्ता आदि ने कही।
नेताओं ने कहा कि विगत दो माह से संसद से लेकर सड़क तक कांग्रेस पार्टी के सर्वमान्य नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार कहा जा रहा था कि देश में एलपीजी, डीजल-पेट्रोल के लिए हाहाकार मचा हुआ है और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। उस समय प्रधानमंत्री, उनके मंत्रीगण तथा भाजपा के नेता कहते थे कि कांग्रेस सहित विपक्ष के लोग झूठा हल्ला कर रहे हैं और देश में किसी चीज़ की कोई कमी नहीं है। उनका कहना था कि ऐसा वे लोग इसलिए बोल रहे थे, क्योंकि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव थे। अब जब चुनाव समाप्त हो गया है, तो प्रधानमंत्री देशवासियों को लॉकडाउन से भी भयावह उपदेश दे रहे हैं।
नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में देश को ऐसे मुकाम पर ला दिया है कि जनता को यह बताना पड़ रहा है कि क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए और कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल दी जाती है, ताकि प्रधानमंत्री स्वयं जवाबदेही से बच सकें।
इस बीच नेताओं ने कहा कि ईरान से भारत की पुरानी मित्रता रही है, परंतु मोदी सरकार अमेरिका से ट्रेड डील सहित अन्य सभी निर्णयों में न जाने अपनी किस गलती को छिपाने के लिए ब्लैकमेल हो रही है। ईरान सरकार की ओर से कई बार यह वक्तव्य आया है कि वह भारत की जनता के साथ है। अब प्रधानमंत्री देशवासियों के सामने उस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं कि “मतलब निकल गया, यानी विधानसभा चुनाव संपन्न हो गया, तो अब पहचानते नहीं।”

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