सामना संवाददाता / मुंबई
पीएम मोदी का एक साल तक सोना नहीं खरीदने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम कर सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने मोदी की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद सरकार को अब महंगाई और जनता की परेशानियां दिखाई दे रही हैं। सावंत ने यह भी दावा किया कि देश में आर्थिक हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और जनता को भ्रम में रखा जा रहा है।
सावंत ने कहा कि सोने के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं, लेकिन सरकार ने पहले कभी इस पर चिंता नहीं जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को जनता की तकलीफों से कोई मतलब नहीं है और उसका पूरा ध्यान केवल सत्ता बचाने पर है।
अगर सरकार को हालात का अंदाजा था तो छह महीने पहले ऐसे कदम क्यों नहीं उठाए गए? इसी तरह राष्ट्रवादी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या अब लोगों को घोड़े, बैल और पशुओं पर सफर करना पड़ेगा?
सियासी माहौल गरमाया
मोदी की अपील के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में महंगाई, र्इंधन कीमतों और आर्थिक स्थिति को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्ष इसे संभावित आर्थिक संकट की चेतावनी बताकर केंद्र सरकार को घेर रहा है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
