-शपथग्रहण के वीडियो हिंदुस्थान में ब्लॉक किए
-एक घंटे में इंस्टा पर १.२ करोड़ आए थे व्यूज
सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कुछ वर्षों से भारत सरकार और सरकारी एजेंसियों पर सोशल मीडिया पर डिजिटल कंटेंट की सेंसरशिप को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ‘एक्स’, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स को खबरों और कंटेंट के प्रसार को लेकर सरकार द्वारा तय किए गए नियमों और प्रतिबंधों का पालन करना पड़ रहा है। ताजा मामला तमिलनाडु के सीएम दलपति विजय के शपथग्रहण का है। इंस्टाग्राम पर इसका एक वीडियो अपलोड हुआ था, जिसमें राहुल गांधी और विजय की जोड़ी थी। इसे इतनी तेजी से व्यू मिले कि केंद्र सरकार डर गई। बाद में इस वीडियो को वहां से हटा दिया गया।
बता दें कि विपक्षी दल लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि एनडीए सरकार अपनी मर्जी से कंटेंट सेंसर कर लोगों के बुनियादी अधिकारों को कमजोर कर रही है। इस मुद्दे से जुड़ा यह बड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में दलपति विजय के शपथ ग्रहण समारोह और उसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी से जुड़े वीडियो भारत में ब्लॉक किए जा रहे हैं। खबर है कि इंस्टाग्राम ने राहुल गांधी की उस रील और फोटो पोस्ट पर रोक लगा दी, जिसमें वह विजय के साथ शपथ ग्रहण समारोह में नजर आ रहे थे। बताया गया कि इस रील को एक घंटे के भीतर ही १.२ करोड़ व्यूज मिल चुके थे, जबकि फोटो पोस्ट लगभग ४.६ करोड़ लोगों तक पहुंच चुकी थी। इसके बाद ‘कानूनी आवश्यकताओं’ का हवाला देते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
विपक्ष का आरोप
विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पोस्ट किया गया कि यह वीडियो, जिसमें इन दिनों चर्चा में चल रहे विजय दिखाई दे रहे हैं, भारतीय एजेंसियों पर सोशल मीडिया ब्लॉकेज के विपक्षी आरोपों को और तेज कर रहा है।
‘यह दृश्य इतना खतरनाक कैसे?’
इस मामले पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘एक संवैधानिक शपथ ग्रहण समारोह के दृश्य आखिर इतने खतरनाक कैसे हो सकते हैं? इससे डिजिटल स्पेस में चुनिंदा सेंसरशिप और विपक्ष की आवाज दबाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।’
