सामना संवाददाता / मुंबई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कालखंड में मजदूरों की हालत बदहाल हो गई है। वर्तमान में देश के लगभग २५ प्रतिशत मजदूरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता है। देश चलाने वालों को मजदूरों की मेहनत नहीं दिखती, सिर्फ उद्योगपति मित्रों के फायदे नजर आते हैं। इन शब्दों में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना साधते हुए हमला बोला।
बता दें कि एसबीआई का पीएलएफएस २०२५ रिपोर्ट हाल ही में जारी हुआ। विजय वडेट्टीवार ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर उपरोक्त शब्दों में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ कहने वाली मोदी सरकार के कालखंड में मजदूरों की दशा दिन-ब-दिन बदहाल होती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग २५ फीसदी ठेका मजदूरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता। महिलाओं की हालत तो और भी खराब है। देश चलाने वालों को मजदूरों की मेहनत नहीं दिखती, सिर्फ उद्योगपति मित्रों के फायदे नजर आते हैं। नए लेबर कोड्स के नाम पर भाजपा सरकार ने मजदूरों के हक ही कमजोर किए हैं। अगर हड़ताल करनी हो तो ६० दिन पहले नोटिस दो, शिकायत लंबित हो तो हड़ताल गैरकानूनी ठहरेगी, सुरक्षा नियम तोड़ने पर भी पैसे देकर छूट मिल जाएगी। मतलब मजदूरों को सिर्फ काम करते रहना है, सवाल नहीं पूछने हैं, हक़ नहीं मांगने हैं। ‘इजी ऑफ डूइंग बिजनेस’ के नाम पर ‘हार्डशिप ऑफ लिविंग’ आम जनता के सिर थोपा जा रहा है।
