-कोर्ट में उसकी अदम्य निर्भयता देख समीक्षकों ने कहा “लेडी डॉन मिल गयी’!
मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
इतनी बड़ी घटना में नाम आने के बाद, 11 दिन बुल्डोजर पुलिस के सीने पर मूंग दरती रही, मानों इस नवरात्रि में देवी ने बुल्डोजर पुलिस की फजीहत करने को ठान लिया हो, हर तरफ से यही आग्रह “हे देवी” आप ससम्मान आत्मसमर्पण कर दें। बहुत हो गया अब शांत हो जांय। जिस तरह से भगवान बामन ने तीन पग में दानवीर राजा बलि का घमंड तोड़ा था, उसी तरह कानून व्यवस्था को लेकर आपने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुल्डोजर छवि को बुल बनाते हुए 11 दिन में नाप कर उसकी बुल्डोजर प्रतिष्ठा को तार-तार किया है। न आपसे मुठभेड़ होगी, न ही आपको कोई खरोच लगेगी, आपकी विराटता में बिना कोई कमी आये हम अपने गिरफ्तारी का अभयदान का वचन देते हैं।गिरफ्तारी के बाद मीडिया में दिखा आपका अडिग आत्मबल चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा है कि यूपी में भविष्य के लेडी डॉन का अवतार हो गया। बाखबर रह कर बेखबर बनना ये आपके लीलामयी करतब हैं। इसे बूझने में हम अल्पज्ञ अक्षम हैं, आपके अपार आत्मबल का रहस्य वही जान पायेगा, जिसे आप स्वयं जनायेंगी। हे देवी रहम करो, अब बुल्डोजर के बुलीकरण की लघुता को और धूलधूसरित न करें। आपकी गिरफ्तारी में कोई मुठभेड़ नहीं होगा। आपको क्या आपके ड्राइवर तक को कोई खरोच नहीं आयेगा। यूपी क्या आप भाजपा शासित किसी भी राज्य में तांडव करो हम बार-बार चकमा खाकर बिना छेड़छाड़ किये आपकी शातिराना चालाकी के सामने मुंह की खाते रहेंगे। अब आप प्रकट हो जाओ। आखिर कल आपको इसी तंत्र पर राज करना है इसलिए अपने ही तंत्र को इतना न रौंदों कि कल के कोई भी आपकी नकल करने लगे। हम आपकी सुरक्षा से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। अब प्रकट हो जाओ देवी! कहते हैं कि इतने अनुनय विनय के बाद जब देवी का मन रीझा, तब वह मानो नागपुर से लीलामयी गिरफ्तारी को राजी हुईं।
लखनऊ कचहरी में पेशी के समय शिवा की हत्यारोपी खूबसूरत मॉडल श्रद्धा दुबे का कॉन्फिडेंस देखकर लगा ही नहीं कि उसे बॉयफ्रेंड की मौत का कोई गम है। वो जैसी अल्लड़ कल थी, वैसी ही आज भी है। लखनऊ कोर्ट रूम में कुछ पत्रकार जब उससे सवाल कर रहे थे, तब वो उन्हें घूर रही थी कि जैसे उसे पता है कि तुम सबका दिमाग ‘मेरे सर’ सही कर देंगे। उसके रुआब में न कल कमी थी, न आज आई। वकीलों के बीच से यह चर्चा निकल कर आम लोगों तक पहुंची है कि पुलिस भी उसके अदब में कोई गुस्ताखी न हो जाय इस बात का ख्याल रख रही है। एक फरार इनामी हत्यारोपी के साथ पुलिस का ढुलमुल और इज्जतदार रवैया बता रहा है कि वो किसी खास ‘सर’ की खास तो है। हर तरफ यही संदेश जा रहा है कि कोई सर इसके कब्जे में हैं। किसी कारण यदि मुन्नी नाराज हुई तो लेडी डॉन का गुर्गे बनने की प्रतिष्ठा प्राप्त करने वाले “सर जी” भी नाराज हो जायेंगे। वह नाराज हुये तो समझ जाओ अभी तो उनकी बेबसी से बुल्डोजर को ही बुल बनाया गया है, आप धूल में मिला दिये जाओगे। फिर न कहना कि कोई आगाह नहीं किया। फिलहाल उसे 10 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। न्याय की प्रतीक्षा में परिजनों के धैर्य की परीक्षा होगी। न्याय के नाम पर लंबी जांच चलेगी। कुछ दिन तक पेपरबाजी होगी फिर सब शान्त होकर मौनमूर्ति बन जायेंगे।
अपने अदम्य आत्मबल के विजयी अवतार का ट्रेलर दिखाते हुए देवी को एक दिन सड़े सिस्टम को ध्वस्त करते हुए जमानत ले लेगी औऱ फिर से श्रद्धा तमाम अधिकारियों सहित नेताओं की ‘भाग्य विधाता” बनकर उड़ती फिरेगी। यही इस समाज औऱ देश की व्यवस्था का अंत है। उसके बाद तो जब चाहेंगी, जहां से चाहेंगी “माननीय” बन कर नये-नये कानून बनाने की कसरत करना उनका फितरत हो जायेगा। फिर जब हंस-हंस कर बुल्डोजर को बुल बनाने के अपने कारनामें बताएंगी तो न जाने कितने मीडियाकर्मी जो आज उनके जान के पीछे पड़े हैं, उनकी बायोग्राफी लिखने की छटपटाहट लिए उनके कदमों में गिड़गिड़ायेंगे। उस समय वह किस पर रहमत करेंगी यह भविष्य की गर्भ में है, हो सकता है कि तब तक आज के रहस्यमयी “सर” आगे चल कर लेडी डॉन के कदमों में खुलेआम कदमताल करते दिख जायेंगे।
