-पीडब्ल्यूडी में अधिकारियों के प्रमोशन अटके
-दो अभियंताओं के सामने बेबस फडणवीस सरकार
सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक निर्माण विभाग में एक ऐसा प्रशासनिक गतिरोध पैदा हो गया है, जिसने विभाग की निर्णय क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि मुदखेड रेल पुल प्रकरण से जुड़े दो अधीक्षक अभियंताओं के मामलों पर सरकार कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पा रही है, जिसके चलते केवल उनकी पदोन्नति ही नहीं, बल्कि वरिष्ठता श्रृंखला में आगे आने वाले करीब नौ अभियंताओं के प्रमोशन भी अटक गए हैं।
विभागीय सूत्रों का दावा है कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कुछ अधिकारियों के प्रमोशन की वैधानिक समय-सीमा समाप्त होने की नौबत आ गई है। क्या दो अधिकारियों के सामने बेबस है सरकार?
दो की पदोन्नति पर रोक
सूत्रों के अनुसार, नांदेड़ जिले के मुदखेड रेल पुल निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं के आरोपों के कारण इन दोनों अधिकारियों की पदोन्नति पर रोक लगाई गई थी। लेकिन वर्षों बाद भी जांच और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसका खामियाजा पूरे विभाग को भुगतना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी में पदोन्नति प्रक्रिया वरिष्ठता के आधार पर संचालित होती है। ऐसे में यदि वरिष्ठता सूची में ऊपर मौजूद अधिकारियों के मामले लंबित रहते हैं तो उनके बाद आने वाले अधिकारियों की पदोन्नति भी स्वाभाविक रूप से अटक जाती है। यही कारण है कि दो अधिकारियों के मामलों ने अब पूरे प्रमोशन सिस्टम को बंधक बना दिया है।
