सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में बारिश भले ही थम गई है, लेकिन खतरे तेज हो गए हैं। गणेश मूर्ति विसर्जन के बाद शहर के नागरिक गर्मी और उमस की मार झेल रहे हैं। चिलचिलाती धूप और ८५ फीसदी तक पहुंच चुकी नमी ने मुंबईकरों का हाल बेहाल कर दिया है। दूसरी तरफ आईएमडी ने १४ सितंबर तक शुष्क दिनों की चेतावनी दी है। इस चेतावनी के तहत मुंबई में बारिश की सिर्फ हल्की फुहारें ही पड़ेंगी। ऐसे में उमस भरी गर्मी ने वायरल संक्रमण, न्यूमोनिया, सर्दी-खांसी और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा और भी बढ़ा दिया है।
अब बारिश थमने से उमस और तापमान ने शहर को बेहाल कर दिया है। इस बीच डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मौसम की इस उठापटक से पांच साल से कम उम्र के बच्चों और स्कूल जाने वाले छात्रों में वायरल संक्रमण तेजी से पैâल रहा है। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को हाइड्रेटेड रखें, भीड़भाड़ से दूर रखें और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनाएं।
जेजे अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. मधुकर गायकवाड ने कहा कि मुंबई में वायरल इन्फेक्शन, स्ार्दी-खांसी, न्यूमोनिया, डेंगू, मलेरिया, लेप्टो, वायरल फीवर आदि रोगों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से न्यूमोनिया के मामले काफी ज्यादा बढ़े हैं। इसके मामले दमा और सर्दी-खांसी के शिकार मरीजों में ज्यादा शिकायतें आ रही हैं।
मच्छरों का बढ़ा खतरा
बारिश थमने से जगह-जगह रुका पानी मच्छरों का अड्डा बन रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह दौर बेहद ख़तरनाक है क्योंकि अब डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के पैâलने की आशंका कई गुना बढ़ गई है।
