मुख्यपृष्ठनए समाचारएनकाउंटर के बाद भी नैनी में गोकशी का 'काला कारोबार' बेखौफ जारी

एनकाउंटर के बाद भी नैनी में गोकशी का ‘काला कारोबार’ बेखौफ जारी

राजेश सरकार / प्रयागराज

शहर से लगे नैनी इलाके में गोवंश के हत्यारों और सफेदपोश अपराधियों का गठजोड़ टूटने का नाम नहीं ले रहा है। नैनी पुलिस और एसओजी यमुनानगर की टीम ने शनिवार को भारी तामझाम के साथ एक मुठभेड़ दिखाई। एक आरोपी के पैर में गोली मारकर और आठ अन्य को दबोचकर खाकी ने अपनी पीठ तो खूब थपथपाई, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी उतनी ही खौफनाक और शर्मनाक है। पुलिसिया एनकाउंटर के बावजूद नैनी की धरती से गोकशी के काले कारोबार की बदबू खत्म नहीं हुई है। खाकी का खौफ अपराधियों में रत्ती भर भी नहीं दिख रहा है। चकदोंदी से अरैल तक कसाइयों का जाल फैला हुआ है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस की यह कार्रवाई महज एक ‘आईवाश’ साबित हुई है। नैनी के चकदोंदी, अरैल, इंदलपुर और महरा का पुरवा जैसे इलाकों में गोवंश के हत्यारे सक्रिय हैं। पुलिस की नाक के नीचे रात के अंधेरे में और भोर की रोशनी में यह खूनी खेल धड़ल्ले से खेला जा रहा है। स्थानीय जनता और बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद का आरोप है कि कुछ इलाकों में कसाइयों को स्थानीय स्तर पर शह मिली हुई है, जिसके दम पर वे पुलिस की कार्रवाई को ठेंगे पर रखकर अपना धंधा चमका रहे हैं।
जनता में भारी आक्रोश
इस अवैध और घिनौने कारोबार की वजह से पूरे नैनी क्षेत्र का माहौल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है। बहुसंख्यक समाज और स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर हर बार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति क्यों होती है? गोवंश की तस्करी और हत्या का यह सिंडिकेट इतना मजबूत कैसे है कि पुलिस की बंदूकें भी इन्हें नहीं डरा पा रही हैं? क्षेत्रवासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। जनता ने साफ चेतावनी दी है कि पुलिस को अपनी पब्लिसिटी स्टंट वाली कार्रवाई छोड़कर इन इलाकों में परमानेंट ‘सफाई अभियान’ चलाना होगा। जब तक इन सफेदपोश कसाइयों और उनके मददगारों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक नैनी में कानून-व्यवस्था का राज सिर्फ कागजों पर ही दिखेगा। अब देखना यह है कि यमुनानगर पुलिस इस चुनौती को स्वीकार करती है या फिर गोवंश के हत्यारे यूं ही खुलेआम घूमते रहेंगे।

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