सुरेश गोलानी / मुंबई
हत्या के आरोप में डेढ़ साल से फरार चल रहे २७ वर्षीय एक युवक को मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय से जुड़ी क्राइम ब्रांच यूनिट (जोन १) ने गिरफ्तार कर लिया। मामला ५ फरवरी २०२४ का है, जब पुलिस को भायंदर-पूर्व में बीपी रोड स्थित भाजी मार्वेâट के सार्वजनिक शौचालय के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ, जिसके छाती, गले, कंधे और पैरों पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे। मृतक नग्न अवस्था में पाया गया था। नवघर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान भायंदर-पश्चिम स्थित राई गांव के रहने वाले रितेश राजेंद्र कावले के रूप में हुई, जांच टीम को हत्यारे के बारे में कोई भी सुराग नहीं मिले।
उपायुक्त संदीप दोईफोड़े के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच यूनिट के प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार शिंदे और सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन सानप ने पुराने अनसुलझे आपराधिक मामलों की तफ्तीश के दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा, जिसके बाद संदिग्ध हत्यारे की पहचान रामकेश दूधनाथ यादव उर्फ रामू के रूप में हुई। खबरी नेटवर्क से मिली जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने रामू को अंबरनाथ स्थित खोणी गांव के पाइपलाइन रोड से धर-दबोचा। रामू पुलिस को गुमराह और चकमा देने के इरादे से लगातार अपनी लोकेशन और पहचान बदलकर कर रह रहा था।
पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए रामू मोबाइल फोन का भी उपयोग नहीं कर रहा था। गिरफ्तारी के वक्त रामू अंबरनाथ स्थित एक जींस वाशिंग फैक्टरी में हमाल का काम करते हुए पाया गया था। पूछताछ के दौरान रामू ने यह खुलासा किया कि घटना वाली रात उसने मृतक को संदिग्ध अवस्था में देखा और चोर समझकर उस पर डंडे से हमला कर फरार हो गया। रामू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के संबंधित धाराओं के तहत नवघर पुलिस थाने में मामला दर्ज है। उसे कोर्ट ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
