राजेश सरकार / प्रयागराज
डायोसिस आफ लखनऊ से जुड़े एक बड़े शैक्षणिक संस्थान पर लगे गंभीर आरोपों ने वहां की शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर के चर्चित बिशप जॉनसन एक्सटेंशन स्कूल की प्रधानाचार्या प्रियदर्शिनी ने विद्यालय प्रबंधन और डायोसिस से जुड़े पदाधिकारियों पर मानसिक, शारीरिक और यौन शोषण जैसे संगीन आरोप लगाते हुए कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
पीड़िता का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। नौकरी से निकालने की धमकी देकर कथित तौर पर उन पर दबाव बनाया जाता रहा। प्रार्थना पत्र में प्रधानाचार्या ने आरोप लगाया कि संस्था से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन्हें विभिन्न कार्यालयों में बुलाकर अश्लील हरकतें कीं और विरोध करने पर जान से मारने तक की धमकी दी गई। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पीड़िता पर “उच्च अधिकारियों को संतुष्ट” करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि 7 मई 2026 को उन्हें फोन कर बुलाया गया और इंकार करने पर गाली-गलौज के साथ परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई। प्रधानाचार्या ने यह भी दावा किया है कि उनके पास पूरे घटनाक्रम से जुड़े अहम साक्ष्य मौजूद हैं। शिक्षा जगत को झकझोर देने वाले इस मामले में सवाल केवल एक महिला की सुरक्षा का नहीं, बल्कि उन संस्थानों की विश्वसनीयता का भी है जिन्हें समाज “शिक्षा का मंदिर” मानता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि संस्थागत शक्ति के दुरुपयोग का भयावह उदाहरण माना जाएगा।
फिलहाल, शहर के कर्नलगंज थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच निष्पक्ष होकर आरोपियों तक पहुंचेगी या फिर प्रभावशाली पदों की आड़ में सच दबाने की कोशिश होगी।
