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जनता को रोटी नहीं, खजाने में धेला नहीं…मुख्यमंत्री को २० लाख का बिस्तर!

-सोशल मीडिया पर मचा ‘गदर’…सरकारी निर्णय पर उठा रहे सवाल

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

महाराष्ट्र में एक तरफ किसान आत्महत्या कर रहे हैं, युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, सरकारी खजाने में धेला नहीं है, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए २० लाख के बिस्तर का जुगाड़ किया जा रहा है।
सीएम के सरकारी आवास ‘वर्षा’ बंगले में सिर्फ डबल बेड गद्दा और सोफा खरीदने के लिए २०.४७ लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इस बात पर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। लोग कह रहे हैं कि ‘देवाभाऊ’ को जनता के दुख-दर्द से नहीं, बल्कि अपनी चैन भरी आलीशान नींद से मतलब है। इसी तरह बंगले में शाही किचन बनाने के लिए १९.५३ लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे साबित हो गया है कि यह टैक्सपेयर्स के पैसों की बेशर्मी से बर्बादी है।
क्या सीएम के गद्दे में हीरे जड़े हैं?
सीएम देवेंद्र फडणवीस की आलीशान लाइफ को लेकर सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। ‘वर्षा’ बंगले में ‘छोटे-मोटे कामों’ के नाम पर भारी-भरकम रकम खर्च किया जा रहा है। इस भारी-भरकम खर्च ने ‘महायुति’ सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। यह सिर्फ गद्दे या सोफे की बात नहीं है, बल्कि यह सरकार की असंवेदनशीलता और जनता के प्रति उसकी उदासीनता को दिखाता है। लोग सरकार की इस बेशर्मी पर सवाल उठाते हुए पूछ रहे हैं कि क्या इस गद्दे में हीरे जड़े हैं, या यह सोने का सिंहासन है?
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार जहां एक तरफ नौ लाख करोड़ रुपए के बोझ तले दबी हुई है, वहीं वर्षा बंगले के साथ-साथ सरकारी आवासों, पुलिस क्वार्टरों और दफ्तरों पर भारी-भरकम खर्च कर रही है। सीएम फडणवीस के गद्दे पर सोशल मीडिया पर ‘गदर’ मच गया है। ट्विटर यूजर योगेश वाईकर ने लिखा कि गांव में गरीब आदमी इतने पैसों में छोटा-सा घर बना लेगा। यहां सिर्फ सोने के लिए इतना खर्च हजम नहीं हो रहा है। रवि धुमने ने इसे मोगली और मेवाभाऊ द्वारा जनता के पैसों की मौज बताया। यह खर्च ऐसे समय में हो रहा है जब महाराष्ट्र सरकार दिवालिया हो चुकी है। राज्य की जनता के लिए सरकार के पास बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पैसे नहीं हैं।
‘एक्स’ पर विशाल दलवी ने तीखा तंज कसा है कि इतना महंगा बेड क्यों लिया? ताकि जनता के सपनों पर सो सकें। वहीं, विज पुनीत ने इसे जनता की मुश्किलों से जूझते समय सरकार की असंवेदनशीलता बताया। कई लोगों ने मुख्यमंत्री पर नकली विनम्रता का आरोप लगाया। क्रिश नामक यूजर ने कहा कि यह बहुत ही कम है, मेरा ‘गरीब’ मुख्यमंत्री बहुत ही विनम्र है। ट्रिपल सरकार के पास जनता की योजनाओं के लिए पैसे नहीं, लेकिन खुद की सुविधा पर खर्च करने के लिए हैं।

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