मुख्यपृष्ठस्तंभउत्तर की बात : वोटर लिस्ट की खामियों को मुद्दा बनाएगी सपा

उत्तर की बात : वोटर लिस्ट की खामियों को मुद्दा बनाएगी सपा

-रोहित माहेश्वरी

सपा ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा नेता मतदाता सूची में खामियों को सार्वजनिक करने का अभियान चलाएंगे। अभियान के तहत पहले डुप्लीकेट मतदाता और फिर नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ने को लेकर खामियों की तलाश की जा रही है। सपा ने सरकार को घेरने के लिए रोजाना मतदाता सूची में की एक खामी को उजागर करने का निर्णय लिया है। एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं के शहर और गांव दोनों जगह की मतदाता सूची में नाम थे, उन्होंने किसी एक स्थान से अपना वोट कटवा लिया है। सपा ने आशंका व्यक्त की है कि भाजपा फिर से इन मतदाताओं के नाम शहर में जुड़वा सकती है।
दिव्या मित्तल उतरी चुनाव मैदान में
आईएएस की नौकरी से इस्तीफा देने के बाद पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में उतरने का एलान कर दिया है। उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘जन नीति भारत’ बनाने की घोषणा की है और यह पार्टी २०२७ का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी। दिव्या मिर्जापुर जिले की सदर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। उनका मुख्य उद्देश्य जनता को सीधे निर्णय प्रक्रिया से जोड़ना है। २०१३ बैच की पूर्व आईएएस अधिकारी ने १३ साल के प्रशासनिक करियर के बाद यह कदम उठाया है। अपने करीब १३ साल के प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने मिर्जापुर, देवरिया और संत कबीर नगर में डीएम समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
मायावती ने योगी सरकार को घेरा
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आउटसोर्सिंग और संविदा पर नियुक्तियों की व्यवस्था का विरोध जताते हुए सरकार की एक लाख भर्तियों के दावे पर सवाल उठाया है। बसपा प्रमुख ने एनआरएचएम के संविदाकर्मियों के धरने का मामला उठाते हुए उनके साथ अन्य ऐसे कर्मियों को नियमित करने की मांग सरकार से की है। मायावती ने एक्स पर लिखा, प्रदेश सरकार द्वारा छह महीने के अंदर एक लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई, लेकिन बेहतर यह होता कि जिन सरकारी विभागों में अस्थायी तौर पर लोग वर्षों से कार्यरत हैं, उन्हें भी स्थायी नौकरी की व्यवस्था में शामिल किया जाए। बसपा सरकारी तंत्र में आउटसोर्सिंग व संविदा आदि की शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध है।
मैदान में उतरने को तैयार आकाश
पांच अक्टूबर को एक बार फिर बसपा में वापसी और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक का पद दिए जाने के बाद आकाश आनंद अब यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रचार की तैयार में फिर से जुट गए हैं। उन्हें उनकी बुआ और बीएसपी की अध्यक्ष मायावती ने फिर से पार्टी में वे सभी अधिकार दे दिए हैं जो सितंबर में उनको पार्टी से निष्कासित करने के साथ छीन लिए गए थे। बीएसपी के सूत्रों के अनुसार, आकाश आनंद आने वाले दिनों में आगरा, अयोध्या और आजमगढ़ के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं कर सकते हैं। इन जनसभाओं में वे पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की ओर से तय किए गए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ उन्हें लोगों के सामने पेश करेंगे। हालांकि, इन जनसभाओं की तारीखें फिलहाल तय नहीं की गई हैं।

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