मुख्यपृष्ठनए समाचारमीठी नदी बन गई जहर!.. क्यों नहीं करते हो सफाई?

मीठी नदी बन गई जहर!.. क्यों नहीं करते हो सफाई?

-मनपा को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की फटकार

जेदवी / मुंबई

मुंबई सपनों का शहर है। मगर महायुति राज में लोगों के इस सुंदर शहर के सपने टूटने लगे हैं। हर तरफ पैâली गंदगी ने शासन-प्रशासन के नकारेपन को उजागर कर दिया है। शहर की नदियां नालों में तब्दील होकर गंदगी से बजबजा रही हैं। कभी मुंबई की जान रहीं मीठी, दहिसर, ओशिवरा और पोइसर नदियां आज गंदगी, सीवेज और खतरनाक रसायनों के कारण जहरीली हो चुकी हैं। इस पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मनपा को कड़ी फडकार लगाते हुए कहा है कि वह इन नदियों की सफाई क्यों नहीं करवाती है?
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इन नदियों का पानी अब जीवन नहीं, जहर उगल रहा है। कारण वही पुराना मनपा की ढिलाई, औद्योगिक अपशिष्टों की मनमानी और सरकारी योजनाओं की केवल घोषणाएं हैं। बोर्ड की ताजा रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि शहर की ज्यादातर नालियां बिना किसी सफाई या ट्रीटमेंट के सीधे नदियों में गिरती हैं। नतीजा मछलियां मर रही हैं। बदबू से इलाकों में रहना मुश्किल हो गया है और प्रशासन अब भी फोटो सेशन में व्यस्त है।
सिर्फ कागजों पर है सफाई परियोजना
इस मामले में पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नदी साफ करने की परियोजना सिर्फ कागजों पर है। विकास के नाम पर केवल प्रदूषण का अंबार है। गौरतलब है कि मनपा ने करोड़ों रुपए की मीठी नदी पुनर्जीवन योजना शुरू की थी, पर हालात जस के तस हैं। अब सवाल यह है कि पैसे कहां गए और नदियां क्यों नहीं बचीं?

अन्य समाचार