सामना संवाददाता / बाराबंकी
रामनगर में पीपा पुल शुरू होने के बाद पुराने संजय सेतु के जॉइंटर उखाड़ने का कार्य शुरू हो गया है। ग्राइंडर मशीनों से पुल पर लगे लोहे के जॉइंट्स दोनों तरफ खुदाई के बाद बाहर किए जा रहे हैं, जिनके स्थान पर नए जॉइंटर लगाकर पुल मरम्मत किया जाएगा। इसी के साथ साथ पुल की डामर परत भी जेसीबी से खुदाई कर अलग की जा रही। इसकी जगह नया डामरीकरण भी होगा। करीब छोटे सात हजार वाहन चौबीस घंटे में आने जाने का अनुमान है।
सोलह अप्रैल को दोपहर बारह बजे से पुराना संजय सेतु बंद किया गया और पीपा पुल चालू हुआ। उस समय तक कुछ बड़े वाहन दोनों तरफ आ गए थे, जिनको वापस लौटना पड़ा। छोटाहाथी,पिकअप, ट्रैक्टर में लगे थ्रेसर वाहन, भूसा ट्राली सहित हल्का-फुल्का भी सामान लादे वाहन नहीं निकलने दिए जा रहे, जिससे लोग परेशान भी दिखे। नदी की रेती में टीन बिछाई गई है, जिस पर गुजरते समय धूल बहुत उड़ती है। ई रिक्शा, ऑटो, मोटरसाइकिल वाले धूल गर्दा खाते निकलते हैं। पानी का छिड़काव नहीं हो रहा। एप्रोच मार्ग पर भी धूल उड़ती रहती। इसके अलावा बिजली व्यवस्था नहीं थी, जिससे रात में दिक्कतें हुई। शुक्रवार दिन में बिजली के बल्ली शुक्रवार गड़ रही थीं। उस पार लोक निर्माण विभाग बहराइच के के ई राजेश कुमार लगे हैं, जिन्होंने बताया कि गुरुवार बारह बजे से शुक्रवार को बारह बजे दिन तक करीब सात हजार छोटे वाहन निकले। बड़े वाहन डाइवर्जन मार्ग से निकाले जा रहे। दो माह पुराना संजय सेतु बंद रहेगा। अब तक चौतीस बेयरिंग बदली गई है। बासठ जॉइंटर उखाड़ने हैं, जिनमें दस की खुदाई हो चुकी है। कार्य तेजी से कराया जा रहा है। कार्यदाई संस्था के जे ई अनस मौके पर जॉइंट्स उखड़वा रहे थे।
