मुख्यपृष्ठग्लैमरयह बहुत बड़ी चुनौती है! -मनोज बाजपेयी

यह बहुत बड़ी चुनौती है! -मनोज बाजपेयी

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर मनोज बाजपेयी के फिल्म करियर को ३० वर्ष हो चुके है। १९९४ में उनकी द्रोहकाल डेब्यू फिल्म रिलीज हुई थी, लेकिन कॉमर्शियल सक्सेस उनको फिल्म ‘सत्या’ से मिली। मनोज को २०१९ में ‘पद्मश्री’ भी प्राप्त हो चुकी है। अनेक फिल्मों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले मनोज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सफलता के बावजूद उनमें कोई अंतर नहीं आया। न उनके स्वभाव में, न उनके व्यवहार में। बहुमुखी प्रतिभा के धनी इस वक्त प्राइम वीडियो का सफल वेब शो ‘द फैमिली मैन’ सीजन ३, २१ नवंबर से अमेजॉन पर रिलीज होगा। पेश हैं मनोज बाजपाई से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश।

– मनोज, द फैमिली मैन वेब सीरीज का यह तीसरा सीजन आप कर चुके है, हर सीजन में पुलिस अफसर श्रीकांत तिवारी का किरदार निभाने के पीछे आपकी क्या प्रेरणा होती है ?
श्रीकांत तिवारी इस पुलिस अफसर के किरदार के पीछे कई लेयर्स हैं। यह ऐसा पुलिसवाला है जो अपने परिवार और अपने पेशे को बेइंतेहा प्यार करता है। अपनी ड्यूटी और अपना परिवार दोनों को न्याय देना एक कशिश है, उसके लिए। यह किरदार सिर्फ मुझे नहीं लेकिन दुनिया के २०० से अधिक देशों के करोड़ों लोगों को काफी पसंद आया। जानदार-दमदार है श्रीकांत तिवारी लेकिन हरगिज उबाऊ नहीं है। हर बार यह किरदार वही होकर जिंदगी के कई पहलुओं को दर्शाता है।

 कहानी में ट्विस्ट होंगे लेकिन उसी किरदार को सीजन दर सीजन पेश करना बड़ी चुनौती होगी?
मैं अपने दोनों निर्देशक राज और डीके से काफी गहरी चर्चाएं करता हूं, कई बार हमारे आर्ग्यूमेंट्स भी होते है। मैं अक्सर उनसे डिटेल स्क्रिप्ट की मांग करता हूं। सच कहूं आपसे, मैं बड़ा नर्व्हस एक्टर हूं, अगर स्क्रिप्ट न हो मेरे पास गड़बड़ा जाता हूं। द पैâमिली मैन के दोनों निर्देशक राज और डीके बेहद व्यस्त निर्देशक हैं, इसलिए उनके पीछे पड़ना पड़ता है। मैं यह सोचता रहता हूं कि मेरा श्रीकांत तिवारी का किरदार वैâसे नुकीला, वैâसे तेज तर्रार हो सकता है। मैं ‘द फैमिली मैन’ के तीनों हिस्सों में था, यानी शुरू से हूं, लिहाजा कहीं न कहीं निर्देशकों की मदार मुझ पर थी, मैं जवाबदेही, जिम्मेदार हूं लिहाजा हर मायने में यह सोचता रहता हूं कि किस तरह से मेरे किरदार को नए सिरे से ढाल सकूं, इसलिए चुनौती तो थी, है भी।

लेकिन यह बताइए प्रोटागोनिस्ट श्रीकांत तिवारी इस बार किस तरह से अलग है?
श्रीकांत तिवारी जांबाज पुलिस अफसर है, संकटों का सामना करते हुए वो करियर में, जिंदगी में आगे बढ़ रहा है। लेकिन सीजन ३ का श्रीकांत तिवारी हर बार का जीतता नहीं है। बल्कि श्रीकांत तिवारी पर कई तरह के इल्जामात लगते हैं, उन मुश्किलों से झूझते श्रीकांत परेशान हो जाता है। बन जाता है ‘पैâमिली मैन’ से ‘मोस्ट वॉन्टेड मैन’ उसे छिपते-छुपते अपनी जान बचानी पड़ती है। कहानी के मुताबिक, श्रीकांत तिवारी के दो बड़े दुश्मन हैं। जयदीप साहनी और निम्रत कौर। इन से जान बचाते वैâसे आगे बढ़ते है श्रीकांत तिवारी, यह देखना बड़ा रोमांचक होगा। हां, श्रीकांत तिवारी के बच्चे अब बड़े हुए हैं, पत्नी (प्रियामणि) से रिलेशन बदल चुका है। ऐसे ही कुछ बदलाव आप देखेंगे। मेरा और जेके (सहायक शरीब हाश्मी) का रिश्ता वही है नोंकझोंक वाला।

– दूसरे सीजन से तीसरे सीजन को आने में ४ वर्षों का गैप क्यों ?
द फैमिली मैन पहले सीजन से काफी पसंद किया गया था। सिंगल पब्लिक हो या पैâमिली क्राउड सभी को इस शो ने अपना सा बनाया, ऐसे में जब आप दूसरे सीजन की शुरुआत करते हैं, तो उम्मीदों का अंबार भी डबल हो जाता है। कहानी, निर्देशन, निर्माण, शूटिंग, एडिटिंग सभी पर काफी ध्यान बेहद आवश्यक था और है। जिन दुनिया भर के दर्शकों ने इसे काफी प्यार दिया उनकी उम्मीदों और प्यार की कसौटी पर खरा उतरना होगा। हर कदम फूंक-फूंककर लेना चाहिए।

-इस शो में निम्रत कौर नेगेटिव किरदार में है, क्या वो आपकी फिल्म में कभी आपकी लीडिंग लेडी बननेवाली थी ?
हां, बिलकुल। निम्रत कौर मेरी नायिका बननेवाली थी पर वैâसे पता नहीं वो फिल्म आगे नहीं बनी। इस बार जब द फैमिली मैन के कास्टिंग की बात बनी तो निम्रत को नेगेटिव किरदार ऑफर किया गया, खैर उनके साथ फिल्म न सही लेकिन द फैमिली मैन जैसा शो करने का मौका मिला यह भी सही है। फिल्म का संजोग हो तो आगे भी फिल्म में काम करने का मौका मिलेगा।’

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