उमा सिंह
कभी रिश्ते भरोसे पर टिके होते थे, अब शर्तों पर चलने लगे हैं। शादी, सात फेरे, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी, सबकुछ पीछे छूटता दिख रहा है। ताजा मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर का है, जिसने लोगों को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी।
दरअसल, ४ बच्चों की अम्मा ने अपने पति के सामने ऐसी शर्त रख दी, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। महिला ने साफ कहा कि उसका बॉयफ्रेंड भी अब उसी घर में साथ रहेगा। पति ने विरोध किया तो मामला इतना बढ़ गया कि गुस्से में महिला ने पति का सिर फोड़ दिया और फिर मौके से फरार हो गई। चलिए थोड़ा विस्तार से आपको बता दें। ग्वालियर का पीड़ित पति जब रुआंसा होकर एसपी ऑफिस पहुंचा, तब आपबीती बताते हुए फफक-फफककर रो पड़ा। उसने अपनी पत्नी से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। आरोप लगाया कि उसकी पत्नी अपने बॉयप्रâेंड को भी उसी के घर में साथ रखने की जिद पर अड़ी थी। जब पति ने इसका विरोध किया, तो पत्नी ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और बच्चों को लेकर फरार हो गई।
अब सवाल यह है कि आखिर रिश्तों की परिभाषा बदल रही है या जिम्मेदारियां मजाक बनती जा रही हैं? जिन बच्चों को मां-बाप के प्यार और संस्कार की जरूरत होती है, वहां घर लड़ाई और तमाशे का अखाड़ा बनता जा रहा है। यानी संस्कार तो मानो `आउट ऑफ स्टॉक’ हो गया है। सोशल मीडिया के दौर में ‘मेरी जिंदगी, मेरी मर्जी’ का नारा अब परिवारों की नींव तक हिलाने लगा है। समझौता, त्याग और मर्यादा जैसे शब्द धीरे-धीरे गायब होते दिख रहे हैं। हर कोई अपनी शर्तों पर रिश्ता चलाना चाहता है, चाहे उसका असर बच्चों और परिवार पर कितना भी बुरा क्यों न पड़े। सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या आधुनिकता के नाम पर रिश्तों की सीमाएं खत्म होती जा रही हैं या फिर समाज सचमुच एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है?
