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मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जाता है शराब और पैसे का वितरण!

-केवल नगरपालिका क्षेत्र में ही लागू होगी आचारसंहिता

सामना संवाददाता / मुंबई

राज्य की २४६ नगरपालिकाओं और ४२ नगर पंचायतों के उन क्षेत्रों में आदर्श आचारसंहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जहां चुनाव हो रहे हैं। राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने बताया कि फिर भी राज्य सरकार या अन्य एजेंसियां नगरपालिका चुनावों को प्रभावित करने वाले कोई भी निर्णय नहीं ले पाएंगी। किसानों को सहायता राशि वितरण को आचार संहिता से छूट दी गई है।
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद से आदर्श आचारसंहिता लागू हो गई है। चुनाव अवधि के दौरान बड़े पैमाने पर पैसे और शराब के वितरण की घटनाएं होती हैं। इस बात को मान्य करते हुए चुनाव आयोग ने मतदाताओं को प्रभावित करने वाले कोई भी मामले आदर्श आचारसंहिता के दायरे में आते हैं। इसलिए पैसे और शराब के वितरण की घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ऐसा चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया। आदर्श आचारसंहिता अवधि के दौरान, मतदाताओं को रिश्वत देना, सामान, पैसा या शराब वितरित करना और मतदाताओं को धमकाना आदर्श आचारसंहिता का उल्लंघन माना जाता है। इसलिए इस तरह के प्रलोभनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मतदान के दिन मतदाताओं को लाने-ले जाने के लिए परिवहन और वाहनों की व्यवस्था करना चुनाव अधिनियम के तहत अपराध है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, ऐसा चुनाव आयुक्त ने कहा।
राज्यभर में नीतिगत निर्णय लेने पर रोक
नगरपालिका चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा हो चुकी है, फिर भी राज्य में कहीं भी मतदाताओं को प्रभावित करने वाला कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकेगा। यद्यपि आचारसंहिता २८८ नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों पर लागू है, फिर भी राज्य सरकार कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय नहीं ले पाएगी। आयोग की इस भूमिका के कारण मुंबई, नागपुर, पुणे जैसे महानगरों में जनोपयोगी कार्य किए जा सकेंगे। केवल नगरपालिकाओं के मतदाताओं को प्रभावित करने वाले कार्यक्रम नहीं किए जा सकेंगे। इस अवधि के दौरान, मतदाताओं को प्रभावित करने वाला कोई भी कार्यक्रम उम्मीदवारों द्वारा लागू नहीं किया जा सकता है और राज्य चुनाव आयोग पैसे और शराब के वितरण पर विशेष ध्यान देगा, ऐसा आयुक्त दिनेश वाघमारे ने स्पष्ट किया।

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मन पाखी