मुख्यपृष्ठखेलये `खेल' नहीं `खिलवाड़' था!..भारत-पाक मैच के खिलाफ देशभर में विरोध

ये `खेल’ नहीं `खिलवाड़’ था!..भारत-पाक मैच के खिलाफ देशभर में विरोध

-शहर-शहर शिवसैनिकों ने फूंके पाकिस्तानी झंडे

एशिया कप २०२५ में कल भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला खेला गया। कल के मैच में जीत किसी भी टीम की हुई हो, लेकिन पूरी तरह से भारतीयों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ जरूर हुआ है। पिछले कई दिनों से लोग इस मैच का विरोध कर रहे थे। इसके बावजूद केंद्र सरकार की सहमति से दुश्मनों के साथ भारत ने कल मैच खेला।
बता दें कि इस मैच के खिलाफ कल देशभर में विरोध प्रदर्शन देखा गया। जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक शहर-शहर में लोगों ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के शिवसैनिकों ने शहर-शहर पाकिस्तान के झंडे फूंके। देशभर में लोगों ने बीसीसीआई और केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि क्या खून बहाने वाले पाकिस्तान के साथ भारत का मैच जरूरी था या इसके पीछे कोई मजबूरी थी? बता दें कि बीते २२ अप्रैल को पहलगाम में `आतंकी जल्लादों’ ने २६ पर्र्यटकों को नाम पूछ-पूछकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। इसी के बाद जिन लोगों ने हमले में अपने परिवार के लोगों को खोया, वे इस मैच के खिलाफ हैं।

‘पहलगाम भूल गए क्या?’
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा कल भारत-पाकिस्तान मैच के विरोध में समूचे भारत में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया गया, भारत के हर प्रदेश व जिलों में भारत-पाकिस्तान मैच का विरोध हुआ। शिवसेना विदिशा ने भी बीसीसीआई का पुतला जलाया और विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के बाद भी केंद्र सरकार की आंखें नहीं खुल रही हैं। मौजूदा लोगों ने कहा कि लगता है सरकार पुलवामा हादसे को भूल गई है…?
खून और खेल एक साथ कैसे?
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) मेरठ इकाई की ओर से एशिया कप में पाकिस्तान-भारत के क्रिकेट मैच का विरोध करते हुए जिलाप्रमुख संदीप गर्ग के नेतृत्व में छीपी टैंक स्थित चेतन मेडिकल कॉम्प्लेक्स के सामने पाकिस्तान का झंडा लिपटा हुआ पुतला फूंका गया। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव धर्मेंद्र तोमर ने कहा कि पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकी हमले में हमारी माताओं-बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया फिर भी कल पाकिस्तान के साथ भारत का क्रिकेट मैच खेला गया। जब खून और पानी साथ में नहीं बह सकते तो खून का खेल और क्रिकेट का खेल वैâसे साथ-साथ खेले जा सकते है? खेल और जंग एक साथ नहीं हो सकते, कुछ लोग देशभक्ति का व्यापार करने में लगे हैं। पाकिस्तान का पुतला फूंकते हुए शिवसैनिकों ने नारे लगाए कि `पाकिस्तान से जंग करो, क्रिकेट खेलना बंद करो।’

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) जालौर जिलाप्रमुख रूपराज पुरोहित के नेतृत्व में कल जिला कलेक्टर महोदय को पीएम नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में भारत–पाकिस्तान क्रिकेट मैच के आयोजन का कड़ा विरोध जताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की गई थी।
छत्तीसगढ़ में बीसीसीआई का कड़ा विरोध
भारत पर हमला करने वाले निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले भारत में आतंकवादी गतिविधियां चलाने वाले पाकिस्तान के साथ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा खेले जा रहे भारत-पाकिस्तान मैच के विरोध में एवं भारत-पाकिस्तान मैच के बहिष्कार के तहत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छत्तीसगढ़ द्वारा सभी जिलों के चौक में प्रदर्शन करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का पुतला दहन किया गया एवं कहा गया कि जो देश हमारे नागरिकों को मार रहा है। हमारी माता-बहनों का सिंदूर उजाड़ रहा है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियां चला रहा है। उसके साथ क्रिकेट खेलना यह बहुत ही बड़ा देशद्रोही कदम है, जिसका शिवसेना इसका विरोध करती है।
पिछले कई दिनों से एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के महामुकाबले पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेले जाने का विरोध किया तो कुछ क्रिकेटप्रेमी पहलगाम हमले के बाद खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता है वाला पीएम मोदी का बयान याद दिलाकर बीसीसीआई को घेरा। इस बीच, हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तो बीजेपी को दो-दो फायर ब्रांड मुख्यमंत्रियों और तमाम बड़े नेताओं को चुनौती देते हुए कहा था कि आप में हिम्मत है तो भारत-पाकिस्तान मैच रोकने के लिए कुछ कहकर दिखाएं। ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा और यूपी के सीएम योगी और तमाम भाजपाई नेताओं से पूछा, `मेरा सवाल है कि आपके पास उस पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट मैच खेलने से इनकार करने की शक्ति नहीं थी, जिसने पहलगाम में हमारे २६ नागरिकों का धर्म पूछा और उन्हें गोली मार दी।
` देश की जनता मोदी सरकार को माफ नहीं करेगी!’
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के आह्वान पर कल शिवसैनिकों ने भारत-पाक के बीच हो रहे क्रिकेट मैच के विरोध में बीसीसीआई का पुतला और पाकिस्तान का राष्ट्रीय झंडा जलाया गया, जिसका नेतृत्व प्रदेश महासचिव मनोज मिश्र विद्रोही ने किया। मनोज मिश्र विद्रोही ने कहा कि बीसीसीआई अब पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बन गया है। पुलवामा और पहलगाम में हुए आतंकी हमले की आग अभी ठंडी नहीं हुई है और पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेला जा रहा है।
‘कल का मैच बेहद शर्मनाक’…शहीदों का अपमान बंद करे केंद्र सरकार
कल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) उत्तराखंड इकाई की ओर से भारत-पाक क्रिकेट मैच के बहिष्कार की मांग को लेकर शिवसेना मुख्यालय पर रोष प्रकट किया गया। प्रधानमंत्री को ऑपरेशन सिंदूर याद दिलाने के लिए प्रदर्शन के बाद शिवसैनिकों ने घर-घर से सिंदूर एकत्रित कर प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा। इस अवसर पर शिवसेना इकाईप्रमुख गौरव कुमार ने कहा कि २२ अप्रैल २०२५ को पहलगाम में नरसंहार हुआ, जिसमें २७ लोगों की जान गई, उस समय केंद्र सरकार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया, जिसमें पाकिस्तान से सभी रिश्ते खत्म करने की बात की गई, लेकिन कल आतंकवाद को पालनेवाले पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेला गया, जो बेहद शर्मनाक है। गौरव कुमार ने कहा कि भारत-पाक मैच उन २६ परिवारों एवं ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए देश के जवानों का अपमान है। केंद्र सरकार को १४० करोड़ देशवासियों की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए।
‘मोदी मौन क्यों?’…भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के विरोध में सड़कों पर उतरे शिवसैनिक
एशिया कप प्रतियोगिता के तहत यूएई में कल खेले गए भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी `मेरा सिंदूर-मेरा देश’ आंदोलन के तहत कल पार्टी प्रदेश इकाई के नेताओं ने जम्मू व कश्मीर में सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया तथा मैच अनुमति को सिंदूर, शहीदों का अपमान व करोड़ों भारतीयों की राष्ट्रीय भावनाओं पर आघात पहुंचाने वाला कृत्य करार दिया है।
इकाईप्रमुख मनीष साहनी के नेतृत्व में जम्मू के तवी ब्रिज पर स्थित महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा स्थल पर एकत्रित शिवसैनिकों ने `मेरा सिंदूर-मेरा देश’, `पाकिस्तान के साथ क्रिकेट, सिंदूर व शहीद जवानों का अपमान’, `करोड़ों भारतीयों की राष्ट्रीय भावनाओं पर आघात’ लिखे प्लेकार्ड पकड़ जोरदार प्रदर्शन किया। मनीष साहनी ने अपने संबोधन में कहा कि पहलगाम जैसे नरसंहार के दौरान जिन माताओं-बहनों का सिंदूर उजड़ा था उनका आक्रोश अभी थमा नहीं है, पाकिस्तान के साथ मैच खेलने का निर्णय लेकर बीसीसीआई व केंद्र सरकार ने उनके जख्मों पर नमक छिड़का है। बीसीसीआई १४० करोड़ भारतीयों की राष्ट्रीय भावनाओं पर आघात कर अपनी तिजोरियां भरने में जुटी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी पाकिस्तान की हेकड़ी खत्म नहीं हुई है। परमाणु शक्ति बढ़ाने की खोखली गीदड़ भभकियां दी जा रही हैं। सीमापार से घुसपैठ, आतंकवादियों को पोषण और लांचिंग पैड बनाए जा रहे हैं।
`पाक की दुम कभी सीधी नहीं होगी’
साहनी ने कहा कि पाकिस्तान वह दुम है जो कभी सीधी नहीं होगी। साहनी ने कहा कि भारत-पाक क्रिकेट मैच के दौरान सट्टेबाजी का घिनौना खेल भी चरम पर पहुंच जाता है और इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा आतंकवादियों के पोषण पर इस्तेमाल होता है।

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