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प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया संवाद में टीएमयू के स्टूडेंट्स स्पोर्ट्स के प्रति जोश से लबरेज

खास बातें
-प्रधानमंत्री बोले, 2036 ओलंपिक की मेजबानी करना हमारा सपना
-आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने को भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता
-एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त की रही उल्लेखनीय मौजूदगी
-युवाओं को दिलाई नशामुक्ति की शपथ, राष्ट्रगान के संग समापन

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर खेलो इंडिया संवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से वर्चुअली संवाद किया। प्रधानमंत्री कार्यालय से हुए लाइव प्रसारण में टीएमयू के छात्र-छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मेरा युवा भारत-राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल, फिटनेस, राष्ट्र निर्माण और युवा नेतृत्व से जोड़ना रहा।
राष्ट्रीय स्तर का यह विशेष संवाद टीएमयू के विद्यार्थियों में खेल संस्कृति, स्वस्थ जीवनशैली, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात माय भारत वॉलंटियर्स की ओर से प्रधानमंत्री का वर्चुअल स्वागत किया गया। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आधारित लघु फिल्म के प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए भारत दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया संवाद के बाद तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं खेलों के प्रति जोश से लबरेज नजर आए।
खेल शक्ति और युवा शक्ति को साथ जोड़ने का अभियान
तेईस मिनट के अपने संबोधन में मां भारती के सपूत मेजर ध्यानचंद का भावपूर्ण स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के 100 वर्ष पुराने रिश्तों को और अटूट बनाने का संकल्प दोहराया। युवाओं में जोश और राष्ट्रभक्ति का जज्बा जगाते हुए उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।
उन्होंने कहा कि खेल में खिलना सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व में भी साफ-साफ खिलना चाहिए। हमारे युवाओं में वैश्विक पटल पर चमकने की ताकत है। लाल किले से अपने संबोधन में ओलंपिक को लेकर चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2036 के ओलंपिक की मेजबानी करना हमारा सपना है।
उन्होंने कहा कि ओलंपिक की कुल प्रतियोगिताओं में से आधे में ही भारतीय टीमें शिरकत कर पाती हैं। मेडल टैली के बहुत बड़े हिस्से तक तो हम प्रतिस्पर्धा ही नहीं कर पाते हैं। दूसरे देश जिन खेलों में मेडल जीतते हैं, उन खेलों में हम हिस्सा ही नहीं लेते। मेडल टैली में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में महारत हासिल करनी ही होगी।
खेलों से फिटनेस के साथ नेतृत्व क्षमता भी बढ़ती है
वर्चुअल संवाद के बाद स्थानीय स्तर पर भी युवाओं और खेल जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने युवाओं का मार्गदर्शन किया। बतौर अतिथि डॉ. व्यस्त ने युवाओं की हौसलाफजाई करते हुए कहा कि शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से स्थिर बनने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, पीयूष चावला और वैभव सूर्यवंशी आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि इन युवाओं ने छोटे नगरों से होते हुए भी बड़ा मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि युवा अगर खेलों को अपना करियर चुनते हैं तो नई ऊंचाइयां छू सकते हैं।
मुरादाबाद के जिला युवा अधिकारी सचिन कुमार भी ऑडी में युवाओं से रूबरू हुए। स्थानीय स्तर पर खेल एवं युवाओं से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ, जिसमें खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने युवाओं के साथ अपने अनुभव और विचार साझा किए।
कार्यक्रम में युवा संवाद, विकसित भारत, युवा लीडर्स डायलॉग और आइडिया सबमिशन के अंतर्गत युवाओं के साथ खुले संवाद का सत्र भी हुआ। अंत में स्मृति चिह्न वितरण, आभार ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ आयोजन का समापन हुआ। इससे पूर्व युवाओं को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
टीएमयू में आयोजित इस कार्यक्रम के समन्वय में निदेशक छात्र कल्याण प्रो. एम.पी. सिंह, प्रो. मनु मिश्रा, डॉ. रवि प्रकाश सिंह और दीपक मलिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संचालन माय भारत वॉलंटियर हिमांशी शर्मा ने किया।

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