-उमन गुप्ता
क्या भारत अमेरिका का गुलाम हो चुका है। जिस अमेरिकी नागरिक पर आतंकवादी होने के चार्ज लगाए गए, युएपीए के तहत केस दर्ज किया गया वह अब सिर्फ एक इमीग्रेशन यानी बिना अनुमति भारत की सीमा में प्रवेश का मामला बनकर रह गया है। यह बातें हम नहीं कह रहे हैं बल्कि मोदी सरकार में जो किया जा रहा है वह खुद साबित कर रहा है। वास्तव में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जरूर मोदी का टेटुआ दबा रखा है। तभी इतने गंभीर मामले की धाराओं में बदलाव दिख रहा है। अब बात करते हैं उस खबर की जो सामने आई है। १३ मार्च २०२६ को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा था। साथ ही इसके ६ गुर्गों को भी दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट से पकड़ा था। मैथ्यू पर आतंकवाद के चार्ज लगाए गए। साथ ही युएपीए के तहत उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बताया गया कि मैथ्यू ने भारत में अपने गुर्गों के साथ गैर कानूनी रूप से प्रवेश किया था। यूरोप से ड्रोन मंगवाए और फिर मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश किया और वहां से बॉर्डर पार करके म्यांमार में आतंकवादी ग्रुप को ड्रोन और हथियार की ट्रेनिंग देकर वापस भारत में आ गया और कोलकाता एयरपोर्ट से भागने की तैयारी में था। मैथ्यू १३ मार्च को गिरफ्तार हुआ और उसके ठीक ५ दिन बाद १८ मार्च को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत के एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। इस मुलाकात को जिओ पॉलिटिक्स इशू बताया गया, लेकिन बाद में मैथ्यू के परिवार वालों ने बताया कि सर्जियो गोर ने यह मुद्दा भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया है। इसके १० दिन बाद यानी २८ मार्च को गृहमंत्री अमित शाह ने बयान दिया कि मैथ्यू से भारत की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। अब ८ सितंबर को मैथ्यू के खिलाफ दायर राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज प्रशांत शर्मा के सामने दायर चार्जशीट में आतंकवाद के सारे चार्ज हटा दिए गए। सिर्फ बचा है प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश का मामला। अब आप सोचिए अंदर क्या चल रहा है। यह सारी बातें साबित करती हैंै कि भारत अमेरिका के सामने पूरी तरह सरेंडर हो चुका है।
भारत अब सचमुच
विश्वगुरु बन गया है!
भारत अब सचमुच विश्वगुरु बन गया है। अब देश के जो लोग मोदी जी की बुराई करते हैं उन्हें यह छोड़ देना चाहिए। विश्वगुरु की बात चली है तो आपको बता दें कि भारत में चुनाव जीतने के मोदी मंत्र को अमेरिका भी अपना रहा है। यह बात बिल्कुल सच है। मोदी जी से पहला गुरुमंत्र अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिया है। अब आप सोचेंगे कि मैं बदल गया हूं तो यह सच नहीं है। सच यह है कि भारत में चुनाव के दौरान क्या होता है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के चुनाव के दौरान क्या हुआ यह आपको बता दें। चुनाव जीतने के लिए सबसे कारगर तरीका मध्य प्रदेश की लाडली बहन योजना, जिसे महाराष्ट्र ने भी अपनाया और यहां माझी लाडिकी बहिन योजना, बिहार में भी चुनाव से पहले महिलाओं के खाते में १०-१० हजार रुपए डाले गए और यूपी में ५०,००० रुपए खाते में डालने की बात हो रही है यानी भाजपा की सरकारों में महिलाओं को पैसे देने की बात हुई। अब यहीं से सीख लेकर ट्रंप ने भी कहा है कि मध्यावधि चुनाव में यदि मैं जीता तो प्रत्येक अमेरिकी को ५,००० डॉलर का डिविडेंड मिलेगा। यह शिक्षा तो मोदी जी, योगी जी, शिवराज सिंह चौहान उर्फ मामा जी और देवेंद्र फडणवीस व एकनाथ शिंदे से ही ट्रंप को मिली है। अब यदि भारत से ट्रंप शिक्षा ले रहे हैं तो हुआ न भारत विश्वगुरु। अब ट्रंप को एक और शिक्षा लेनी चाहिए, वह गोदी मीडिया की। तभी ट्रंप भारत का पक्का चेला और भारत पक्का विश्वगुरु बनेगा।
