मुख्यपृष्ठसमाचारविदेश में दान का ढोल देश में `खाट' पर अस्पताल!

विदेश में दान का ढोल देश में `खाट’ पर अस्पताल!

-सेशेल्स को एंबुलेंस भेंट दिए जाने पर पीएम पर भड़का विपक्ष

-विपक्ष का आरोप है कि एक तरफ सरकार विदेशों में एंबुलेंस और स्वास्थ्य सहायता के नाम पर दान और प्रचार में सक्रिय है, वहीं अपने ही राज्य में लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में एंबुलेंस की भारी कमी के कारण मरीजों, खासकर गर्भवती और गंभीर रूप से बीमार महिलाओं को खाट और डोलियों के सहारे अस्पताल तक ले जाना पड़ रहा है। परिजनों को कई किलोमीटर तक कंधों पर या खाट पर मरीज को ढोना पड़ रहा है, जिससे इलाज में देरी के कारण जान का खतरा और बढ़ जाता है। जहां एक ओर भाजपा राज में सिस्टम की शर्मनाक तसवीर देखने को मिली वहीं दूसरी ओर सेशेल्स दौर में गए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की स्वास्थ्य सेवा ढांचे को मजबूत करने के लिए एंबुलेंस भी भेंट कीं। इसी बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि एक तरफ सरकार विदेशों में एंबुलेंस और स्वास्थ्य सहायता के नाम पर दान और प्रचार में सक्रिय है, वहीं अपने ही राज्य में लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक वीडियो आया है। इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि गांवों में अब भी स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी इन्प्रâास्ट्रक्चर की भारी कमी है। वीडियो में एक खाट है। उसे चार लोगों ने अपने कंधे पर उठा रखा है। उस खाट पर है एक गर्भवती महिला जिसका नौवां महीना चल रहा है। पति ने एंबुलेंस बुलाई। मगर बारिश की वजह से पानी इतना भर गया कि एंबुलेंस आ नहीं पाई, जिसकी वजह से महिला को बीच रास्ते खाट पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
उत्तराखंड में सिस्टम की लापरवाही से २ जिंदगियां खत्म!
चमोली में गर्भवती महिला चार घंटे तक दर्द से तड़पती रही, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिला। रेफरल में देरी और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते महिला और उसके गर्भस्थ बच्चे दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैâल गया है।

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