– सरकार पर जमीन हड़पने का आरोप
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई-अहदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के खिलाफ ठाणे में किसानों का विरोध प्रदर्शन और अनशन जारी है। दिवा और भिवंडी तालुका के लगभग २,००० किसानों ने परियोजना के कारण अपनी जमीन छिन जाने की आशंका जताते हुए शिकायतें दर्ज कराई हैं। किसानों ने सरकार से न्याय की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है। ठाणे जिले के ग्रामीण इलाकों में किसान लामबंद हो गए हैं।
भिवंडी तालुका के अंजुर इलाके में, जहां बुलेट ट्रेन का कारशेड बनाया जा रहा है, वहां के ग्रामीणों ने काम रुकवाने के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी है। दिवा, कल्याण, नांदिवली, भोपर और कटाई गांवों के किसानों ने ठाणे मनपा मुख्यालय के नागरिक सुविधा केंद्र में शिकायतें दर्ज कराई हैं। उनका मुख्य आरोप है कि परियोजना का प्रारूप तय करने से पहले उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया और भूमि अधिग्रहण के लिए उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे और परियोजना को आगे नहीं बढ़ने देंगे, क्योंकि यह उनकी आजीविका का एकमात्र स्रोत है। उन्होंने सरकार से न्याय की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
परियोजना की स्थिति
राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन का कहना है कि परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। गुजरात में भूमि अधिग्रहण का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, लेकिन महाराष्ट्र में अभी भी कुछ हिस्सों में किसानों का विरोध जारी है, जिससे भूमि अधिग्रहण में देरी हो रही है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया और परियोजना की समीक्षा की, साथ ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन का पहला चरण (सूरत और बिलिमोरा के बीच १०० किमी की दूरी) अगस्त २०२७ तक चालू होने की उम्मीद जताई है। बुलेट ट्रेन का कारशेड भिवंडी तालुका के अंजूर क्षेत्र में बन रहा है। इससे स्थानीय ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गई हैं।
